डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को वर्ष 2016-17 की जिला योजना में त्रिस्तरीय पंचायतों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, जिला पंचायत के साथ ही नगर निकायों के माध्यम से नई जिला योजना बनाई जाए।
उन्होंने लंबे समय से चल रही चालू योजनाओं का मूल्यांकन, समीक्षा करते हुए भविष्य में समाप्त की जाने वाली अनुपयोगी, अव्यवहारिक योजनाओं के स्थलीय निरीक्षण के बाद ही जिला योजना में शामिल करने को कहा।
डीएम ने कहा कि जिला योजना के प्रस्तावित निर्माण कार्यों की निविदाएं निदेशक, विभागाध्यक्ष स्तर पर स्वीकृत की जा रही है, जो कि नियम विरुद्ध है। उन्होंने मुख्य सचिव के आदेशों की जानकारी देते हुए कहा कि जिला योजना के तहत किसी भी टेंडर की स्वीकृति डीएम स्तर से की जाएगी।
विशेष प्रकरण पर संबंधित विभाग के सचिव, प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला योजना में अपेक्षतया बड़ी योजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं, जिससे कार्य पूर्ण होने में अधिक समय लगने के साथ अनावश्यक धन, श्रम शक्ति का अपव्यय होता है।
उन्होंने किसी भी दशा में जिला योजना में बड़े पुल, बड़ी सड़कें, बड़े भवन, बड़े निवेश वाली योजनाओं को शामिल न करने के निर्देश भी दिए।