टनकपुर (चंपावत)। संयुक्त चिकित्सालय में कोरोना रोगियों का उपचार तो शुरू किया गया है, लेकिन संक्रमण से बचाव में लापरवाही बरती जा है। कोविड वार्ड अस्पताल के केंद्र में बनाया गया है और संक्रमितों के लिए अलग से आपात कक्ष भी नहीं है।
आपात स्थिति में आने वाले सामान्य और कोविड मरीजों का एक ही आपात कक्ष में प्राथमिक उपचार हो रहा है। कोविड स्टाफ ही सामान्य मरीजों का भी उपचार कर रहा है। इस अव्यवस्था से स्वास्थ्यकर्मी भी सहमे हैं।
इस अस्पताल में नौ मई से कोरोना मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। जनरल वार्ड को कोविड वार्ड बनाकर ऑक्सीजन बेड लगाए गए हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वीके जोशी के नेतृत्व में डॉ. आफताब अंसारी, डॉ. हेमंत शर्मा और स्टाफ नर्सों को कोरोना मरीजों के उपचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चार दिन में आठ संक्रमित भर्ती हो चुके हैं। उपचार के बाद चंदनी निवासी सुशीला देवी (35) बुधवार को स्वस्थ होकर घर लौट चुकी है। इससे संक्रमितों को राहत मिली है, लेकिन संक्रमण से बचाव में बरती जा रही लापरवाही घातक हो सकती है।
जिस जनरल वार्ड को कोविड वार्ड बनाया गया है, उसके बगल में ही स्टाफ नर्स कक्ष और सामान मरीजों का वार्ड है। कुछ दूरी पर प्रसव कक्ष भी है। कोरोना मरीजों के लिए न तो अलग शौचालय की व्यवस्था है और न ही आपात कक्ष की।
एक ही आपात कक्ष में कोरोना और सामान्य मरीजों का प्राथमिक उपचार हो रहा है। एक ही स्टाफ को कोरोना मरीजों समेत सामान्य मरीजों का भी उपचार करना पड़ रहा है। ऐसे में सामान्य मरीजों के साथ ही अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
आपात कक्ष को अब सिर्फ कोरोना मरीजों के प्राथमिक उपचार के लिए आरक्षित किया गया है। आपात स्थिति में सामान्य मरीजों के प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अस्पताल की ऊपरी मंजिल के एक कक्ष में की जा रही है।
कोविड वार्ड के बगल वाले स्टाफ नर्स कक्ष को कोविड स्टाफ कक्ष बनाया गया है। कम स्टाफ से दिक्कत आ रही है। विभागाध्यक्ष को पत्र भेजकर अतिरिक्त स्टाफ की मांग की गई है।
- डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमएस संयुक्त चिकित्सालय, टनकपुर।