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नहीं पहुंची नई करेंसी, नोटों की कमी से कई बैंकों में सन्नाटा

Sat, 12 Nov 2016 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
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नहीं मिल सकी नई करेंसी - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत/लोहाघाट। अधिकतर बैंकों में शनिवार को भी अफरातफरी का आलम था। एसबीआई में लोगों का हुजूम था तो कहीं करेंसी न होने से सन्नाटा पसरा था। तीसरे दिन भी 8 करोड़ रुपए से अधिक जमा अथवा बदलवाए गए। ज्यादातर बैंकों के पास अब 100 रुपए भी कम बचे हैं। 5, 10 रुपए के सिक्के ग्राहकों को दिए जा रहे हैं। वहीं चंपावत में 100, 500, 2000 रुपए के नए नोट नहीं पहुंचे हैं। एटीएम, सीडीएम अभी काम नहीं कर रहे हैं।
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एसबीआई चंपावत शाखा के प्रबंधक एचएस पांगती का कहना है कि फिलहाल बैंक के पास तीन दिनों के लिए रुपए हैं। फिर भी नई करेंसी न आने से दिक्कत हो रही है। वहीं अल्मोड़ा अर्बन कॉपरेटिव बैक की चंपावत शाखा के प्रबंधक अनिल तिवारी का कहना है कि अधिकांश करेंसी खत्म हो गई है। कैश चेस्ट से रुपए न मिलने से परेशानी हो रही है। इसके चलते अल्मोड़ा कोऑपरेटिव बैंक सहित कई बैंकों में सन्नाटा है।

लोहाघाट, बाराकोट, पाटी में भी 500, 1000 रुपए के नोटों को बदलने, जमा करने वालों की भीड़ उमड़ रही है। एसबीआई के लोहाघाट शाखा प्रबंधक डमर सिंह पतियार ने बताया कि 500, 1000 रुपए की करीब चार करोड़ की राशि जमा हो चुकी है, जबकि 80 लाख रुपए के नोट बदले गए हैं। टनकपुर से 50 लाख रुपए का कैश मंगाया गया है। भीड़ को काबू करने के लिए दरोगा संजय पूनिया के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात था।
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ग्रामीण बैंक की लोहाघाट, पाटन शाखा में कैश समाप्त होने से लोगों को दिक्कतें हुई। अलबत्ता लोगों द्वारा पुराने नोट जमा किए गए। शाखा प्रबंधक प्रमोद जोशी ने बताया कि उनकी शाखा में 12 लाख रुपए के नोट बदली किए गए। जबकि करीब तीन करोड़ रुपए जमा किए गए। वहीं पेट्रोल पंप, अस्पताल में पुराने नोट लिए गए। 

लोहाघाट (चंपावत)। एसबीआई की स्थानीय शाखा में 1000 रुपए का एक जाली नोट मिला। शाखा प्रबंधक डमर सिंह पतियार ने बताया कि बैंक में जमा करने के लिए आए 500 के तीन, 1000 रुपए के दो जाली नोट मिला है। इन नोटों को जब्त कर लिया गया है।

चंपावत। अपने शहर में तो कर्ज लेकर भी शादी-ब्याह मुमकिन है, मगर पराये शहर में ये कतई आसान नहीं है। चंपावत के दिनेश जोशी दिल्ली में नौकरी करते हैं और वहीं 23 नवंबर को उनका ब्याह पम्दा (बाराकोट) की उषा जोशी से होना है। शादी दिल्ली में है। परिजन कहते हैं कि 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद होने से शादी के इंतजाम में दिक्कत आ रही है।

बारातघर की बुकिंग तो हुई है, लेकिन बयाने के अलावा उसे भुगतान नहीं किया गया है। कपड़े भी नहीं खरीदे जा सके हैं। ब्याह के लिए नोट की उपलब्धता तय नहीं हो सकी है। इसी तरह बनलेख के गोविंद बल्लभ जोशी की भतीजी लक्ष्मी का 24 नवंबर को होने वाले विवाह की तैयारी भी लटक गई है। खरीदारी हुई नहीं है। सारा सामान उधार मिलना भी संभव नहीं है। हाथ में चलने लायक नोट जरूरी हैं। परिजनों ने अब अपने तमाम रिश्तेदारों से नए नोट एकत्र कर मदद का आग्रह किया है।
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