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कोविड कर्फ्यू में बाजार बंद रहा लेकिन चंपावत में खूब हुई आवाजाही

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चंपावत/लोहाघाट/पाटी/रीठा साहिब। चंपावत जिले में बृहस्पतिवार से शुरू पांच दिनी कोविड कर्फ्यू में बाजार पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान बैंक, डाकघर, सरकारी कार्यालयों के अलावा मध्यान्ह 12 बजे तक सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खुली रही। लेकिन चंपावत बाजार में कर्फ्यू के दौरान वाहनों की आवाजाही के साथ ही लोगों की भी खूब आमद रही। अलबत्ता 12 बजे बाद दवा की दुकानों को छोड़ किराना, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के बंद होने से सन्नाटा रहा। बाद में पुलिस ने भी गश्त कर बेवजह घूम रहे लोगों को वापस भेजा।
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इधर लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, खेतीखान, रीठा साहिब, देवीधुरा सहित अन्य जगहों में कर्फ्यू का व्यापक असर रहा। कर्फ्यू को लागू करने के लिए पुलिस ने तगड़े इंतजाम किए थे। इसके चलते दूध, सब्जी, फल, दवा की दुकानों सहित अति आवश्यक सेवाओं की दुकानें खुली रही। सुबह के समय कुछ व्यापारियों में कौन सी दुकानें खुलेंगी, कौन सी बंद रहेंगी, इसे लेकर असमंजस बना था। बाद में स्थिति साफ होने के बाद व्यापारियों ने प्रतिबंध से मुक्त दुकानों के अलावा अन्य दुकानों को बंद किया।
इधर एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि हो सकता है कि कर्फ्यू की जानकारी देर से लगने की वजह से लोग खरीदारी करने के लिए जुटे हो। अलबत्ता शुक्रवार से कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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काम का इंतजार करते रहे मजदूर
चंपावत। कोरोना काल में सरकारी और निजी निर्माण कार्यों पर रोक नहीं होने के बावजूद कई जगह मजदूर काम को तरसते रहे। कोविड कर्फ्यू के पहले दिन चंपावत में भी ढेरों मजदूरों को काम नहीं मिला। उप्र के लखीमपुर के राजेश और सतीश कुमार का कहना है कि वे तीन दिन से काम के बगैर है। अब जेब में खाने के लिए भी रुपये नहीं है।
सैनिटाइज करने के बाद भेजी गईं बसें
चंपावत। कर्फ्यू के दौरान बसों की आवाजाही जारी रही। लोहाघाट डिपो से रोडवेज की बसों का संचालन कम हुआ। अलबत्ता हर बस को संचालित किए जाने से पहले सैनिटाइज किया गया।
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