भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने चंपावत साधन सहकारी समिति के भवन निर्माण पर रोक लगाई है। संरक्षित मंदिर के 100 मीटर के दायरे में होने के चलते ये रोक लगाई गई है। साथ ही एएसआई ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। सात दिन के भीतर जवाब नहीं मिलने पर कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई है।
एएसआई के देहरादून मंडल के उप अधीक्षण पुरातत्व विद् एल धस्माना ने केंद्रीय संरक्षित स्मारक बालेश्वर मंदिर समूह के 100 मीटर के दायरे में समिति के कार्यालय भवन के निर्माण करने पर सहकारी समितियों के जिला सहायक निबंधक को तीन फरवरी को नोटिस भेजा है।
नोटिस में प्रतिषिद्ध क्षेत्र में बिना अनुमति के समिति की पहली मंजिल का निर्माण करने की बात कही गई है। एएसआई ने समिति के इस कदम को प्राचीन स्मारक और पुरातत्वीय स्थल एवं अवशेष अधिनियम के खंड 20 (क) की उप धारा 2, 3 व 4 के प्रावधानों के विपरीत बताया है। इन प्रावधानों के तहत प्रतिषिद्ध क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण प्रतिबंधित है। एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि अधिनियम की धाराओं के विपरीत निर्माण करने या उनका उल्लंघन करने पर प्राचीन स्मारक और पुरातत्वीय स्थल एवं अवशेष अधिनियम की धारा 30 (क) के अंतर्गत दो वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपए अधिकतम तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
चंपावत सहकारी समिति के सचिव हरीश चंद्र ने बताया कि बालेश्वर मंदिर समूह के नजदीक स्थित समिति के भवन की ऊपरी मंजिल का कुछ समय पूर्व से काम चल रहा था। करीब 15 लाख रुपए लागत से इसका काम शुरू किया गया था। फिलहाल समिति के भूतल में इंदिरा भोजनालय सहित समिति का कार्यालय है।
कुछ दिन पूर्व एएसआई का कारण बताओ नोटिस मिला है। नोटिस मिलने के बाद काम रोकने के आदेश दिए गए हैं। नोटिस का जवाब दिया जाएगा। एएसआई द्वारा अनुमति मिलने के बाद ही आगे काम शुरू किया जाएगा।
पीएस राणा, सहायक निबंधक, सहकारी समितियां, चंपावत।
मंदिर समूह के इर्दगिर्द बने हैं ढेरों मकान
चंपावत के बालेश्वर मंदिर समूहों का निर्माण 12वीं सदी में कत्यूरी राजाओं ने किया था। इस संरक्षित इमारत के इर्दगिर्द ढेरों मकान है। इसे संरक्षित किए जाने से पूर्व से यहां बड़ी तादात में मकान बने थे। बाद में भी भवन निर्माण जारी रहा। नवंबर 2000 में राज्य बनने के बाद इन मंदिर समूहों के पास होने वाले निर्माण को लेकर कई बार नोटिस भी दिए जा चुके हैं। बहरहाल मंदिर समूह के आसपास ढेरों मकान बने हुए हैं।