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किसानों पर भारी पड़ सकती है लगातार बारिश

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वर्षा से देवीपुरा में फसल को हुआ नुकसान। - फोटो : TANAKPUR
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चंपावत/टनकपुर। मंगलवार से हो रही लगातार बारिश किसानों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है। बहरहाल दो दिन में कुल 16 मिलीमीटर बारिश हुई है। अगर बृहस्पतिवार को भी बारिश जारी रही तो गेहूं और दलहन की फसल पर खतरे का आशंका जताई जा रही है।
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मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती का कहना है कि जिले के मैदानी हिस्सों में खड़ी गेहूं की फसल में पानी के एकत्र होने से गेहूं की बौर में पीलापन आएगा। पीलेपन की वजह से गेहूं की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। इसी तरह दलहन की फसल में पानी के जमा होने से पौध की जड़ के गलने का खतरा बढ़ जाता है। सीएओ उप्रेती का कहना है कि अभी जिले में अतिवृष्टि के हालात नहीं है, मगर दो दिन और बारिश होने से खतरा हो सकता है।
बारिश से फसल को हुआ नुकसान
बनबसा / टनकपुर (चंपावत)। बारिश से देवीपुरा मझगांव, पचपकरिया आदि गांवों में जलभराव होने से फसल को नुकसान हुआ है। देवीपुरा में किसान मनोज कुमार, राज कुमार, भीम राम, पान राम ने बताया कि उनके खेतों में जल भराव होने से फसल पानी में डूब गई। किसान पुष्कर कापड़ी, हेमेंद्र सिंह रावत नेे बताया कि अधिक वर्षा से गेहूं की फसल काली पड़ने का खतरा बन गया है। बारिश से परिवहन निगम को भी नुकसान हुआ है। बस स्टेशन में पानी भरा हुआ है।
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बागवानी के लिए फायदेमंद है बारिश
लोहाघाट (चंपावत)। झमाझम बारिश बागवानी के लिए फायदेमंद है। इससे किसानों को बोई गई फसलों को लाभ मिलेगा, वहीं आगामी फसलों के लिए जमीन में पर्याप्त नमी भी होगी। एडीओ उद्यान भूपेंद्र प्रसाद जोशी का कहना है क एक माह के भीतर हुई बर्फबारी और बारिश का बागवानी के लिए किसानों को फायदा होगा। संवाद
कोट
जनवरी में हुई बर्फबारी के बाद अब बारिश से किसानों की फसलें सूखने से बच गई है। इस बारिश से बीजों का अच्छी तरीके से जमाव हो सकेगा। दिनेश बगौली (29एलएचजी03पी)
कोट
आलू की खेती के साथ साक-भाजी की नर्सरी तैयार करने में ये बारिश काफी सहायक होगी। खेतों में पर्याप्त नमी होने के चलते सब्जी बीजों का जमाव शीघ्र होगा। मदन बोहरा (29एलएचजी04पी)
चिलिंग बढ़ने से सेब में फूल की ग्रोथ में तेजी आएगी
चंपावत। दिसंबर और जनवरी में तापमान में गिरावट के साथ बारिश व बर्फबारी का सबसे ज्यादा लाभ सेब की खेती को होगा। बीते एक दशक से सेब को अनुकूल वातावरण नहीं मिल पा रहा था। जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या का कहना है कि इस बार तापमान में काफी गिरावट होने और बर्फबारी से सेब का उत्पादन बेहतर होगा। डीएचओ आर्या का कहना है कि सेब के लिए आदर्श स्थिति 100 घंटे चिलिंग होना है। इतनी चिलिंग तो संभव नहीं है, लेकिन फिर भी सेब में फूल खिलने की स्थिति अच्छी होगी। ब्यूरो
खेतों में लंबे समय तक बने रहेगी नमी
पिथौरागढ़। बारिश और बर्फबारी से फसल और फलों का उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद है। सीमांत जिले में जहां मुनस्यारी में 14 वीं बार बर्फबारी हुई है वहीं अन्य जगहों पर दो बार हिमपात हो चुका है।
अच्छी बारिश होने से खेतों में लंबे समय तक नमी उपलब्ध रहेगी। इससे गेहूं, मटर, लाई, मसूर आदि फसलों का उत्पादन अच्छा होगा। जिले में 24 हजार हेक्टेयर भूमि में किसान गेहूं की बुवाई करते हैं। नवंबर में बुवाई के समय बारिश नहीं होने से पौध सूखने लग गई थी। बाद में हुई बारिश और हिमपात से फसलों को संजीवनी मिल गई। मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी का कहना है कि इस सीजन में बारिश अच्छी हो गई है। बर्फबारी का असर शीतोष्ण फल सेब, आड़ूू, पुलम, अखरोट, नाशपाती की फसल को पर्याप्त चिलिंग मिलने से पेड़ बढ़िया फल देंगे। मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. आरएस वर्मा का कहना है कि नमी नहीं होने से पेड़ों की अच्छी वृद्धि नहीं हो पाती है। अब पेड़ों की ग्रोथ अच्छी होगी और जमीन के कीड़े भी समाप्त हो जाएंगे। काश्तकार चारु चंद्र का कहना है कि जनवरी में हुई भरपूर बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होगी।
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