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बाराकोट के पम्दा गांव में तेंदुए की दहशत

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टनकपुर बस्तिया गांव में खेतों में हाथियों के पैरों के निशान। संवाद - फोटो : TANAKPUR
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पिथौरागढ़/लोहाघाट (चंपावत)। कनालीछीना विकासखंड के गुड़ौली और विकासखंड बाराकोट के पम्दा गांव में गांव में तेंदुए आबादी में पहुंच रहे हैं। पालतू कुत्तों को निवाला बना चुका तेंदुआ शाम ढलते ही घरों के आसपास घूम रहा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
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गुड़ौली के ग्राम प्रधान सूबेदार जगदीश चंद्र पांडेय ने बताया कि शाम होते ही तेंदुआ गुड़ौली गांव के अजाड़ीगांव और दंगड़ा तोकों में नजर आ रहा है। तेंदुए के डर से लोग शाम ढलने से पहले ही घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि मवेशियों को शिकार बना रहा तेंदुआ कभी भी लोगों के लिए खतरा बन सकता है।
वहीं लड़ीधुरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात विकासखंड बाराकोट के पम्दा गांव में दो तेंदुए आ गए। कुत्तों के भौंकने पर उन्होंने बाहर देखा तो दो तेंदुए आंगन में थे। शोर मचाने पर तेंदुए जंगल की ओर भागे। बताया कि शाम होते ही तेंदुए लोगों के घरों तक पहुंच जा रहे हैं। वह कई लावारिस मवेशियों और कुत्तों को मार चुके हैं। नगेंद्र ने बताया कि तेंदुए के लगातार क्षेत्र में घूमते रहने से लोग डरे, सहमे हैं। ग्रामीण घास, लकड़ी के लिए जंगल में जाने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
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बस्तिया गांव में हाथी का उत्पात
टनकपुर (चंपावत)। पिथौरागढ़ मार्ग से लगे बस्तिया गांव में बृहस्पतिवार रात एक हाथी घुस आया। उसने उत्पात मचा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल रौंद दी। फलदार पेड़ों को भी तहस नहस कर दिया।
इससे परेशान ग्रामीण शुक्रवार सुबह शारदा रेंज कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी परेशानी बता सोलर फेंसिंग से गांव की घेराबंदी करने की मांग की। ग्रामीण जयमल सिंह, पुष्कर लापड़, हरि राम, नारायण जोशी, अंबा दत्त, हरि प्रसाद ने बताया कि एक सप्ताह तक शांति के बाद हाथी ने दोबारा उत्पात मचाया। वहीं रेंजर महेश बिष्ट ने बताया कि वन विभाग की टीम रात 12 बजे तक गांव में लगातार गश्त कर रही थी। तब तक गांव में शांति थी। इसके बाद में ही हाथी गांव में आया होगा।
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