बनबसा (चंपावत)। एनएचपीसी लिमिटेड को भारत सरकार ने नवरत्न कंपनी का प्रतिष्ठित दर्जा दिया है। भारत सरकार वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग ने बीते दिवस 30 अगस्त को एनएचपीसी को नवरत्न कंपनी घोषित किया है। इससे एनएचपीसी को और अधिक परिचालन और वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त हुई है। एनएचपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके चौधरी ने अधिकारियों, कर्मियों और संविदा कर्मियों को बधाई देते हुए एनएचपीसी परिवार की ओर से भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय और लोक उद्यम विभाग का आभार जताया है।
टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक राजिल व्यास ने बताया कि एनएचपीसी देश में बिजली क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जलविद्युत क्षमता का दोहन कर एनएचपीसी देश की बिजली की जरूरतों को पूरा करने में लगी है। इसके अलावा पवन और सौर उर्जा क्षेत्र में भी एनएचपीसी कार्य कर रही है। एनएचपीसी के सीएमडी की सोच और मार्ग दर्शन से उक्त कार्य संपादित हो रहे हैं। एचनएचपीसी की कुल संस्थापित क्षमता 7144.20 मेगावाट है। वर्तमान में कंपनी 10442.70 मेगावाट की परियोजनाओं के निर्माण कार्य में लगी हुई है। इसमें असम, अरुणाचल प्रदेश में 2000 मेगावाट और अरुणाचल प्रदेश में 2880 मेगावाट की दिवांग बहुउद्देशीय परियोजना शामिल हैं। इसके अलावा एनएचपीसी 50000 मेगावाट से अधिक क्षमता वाली परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। एनएचपीसी 2032 तक 23000 मेगावट और 2047 तक 50000 मेगावाट की संस्थापित क्षमता हासिल करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।