राजकीय महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन के शिलापट में अभाविप कार्यकर्ता छात्रसंघ पदाधिकारियों का नाम लिखा न होने से भड़क उठे। विधायक हेमेश खर्कवाल के उद्घाटन कर लौटने के बाद एकाएक नारेबाजी करते हुए परिषद कार्यकर्ता और भाजपाई पहुंचे। उन्होंने शिलापट के पास पहुंचकर हंगामा काटा एवं एसडीएम का घेराव किया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस कर्मियों ने कार्यकर्ताओं ने खदेड़ा। साथ ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली समेत कई कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लेकर गाड़ी में भरकर ककराली गेट के पास छोड़ा। हंगामे से महाविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
शनिवार सुबह महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन हुआ। मुख्य अतिथि के उद्घाटन कर जाने के बाद अभाविप कार्यकर्ता एवं भाजपाई शिलापट स्थल पर पहुंचे। उन्होंने शिलापट में छात्रसंघ अध्यक्ष समेत अन्य का नाम नहीं होने पर जमकर हंगामा काटा। इससे महाविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम नरेश दुर्गापाल का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रसंघ पदाधिकारियों का नाम शिलापट में नहीं दिया गया है। इसके बाद कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने पर सीओ राजेंद्र सिंह रौतेला ने पुलिस बल के साथ कार्यकर्ताओं को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वह वहीं जमे रहे।
इसके बाद पुलिस कर्मियों ने कार्यकर्ताओं को खदेड़ा। कुछ देर बाद ही वह फिर नारेबाजी करते हुए शिलापट के पास पहुंचे। बाद में पुलिस ने अभाविप कार्यकर्ता एवं छात्रसंघ उप सचिव राजकिशोर भंडारी, छात्रा उपाध्यक्ष कोमल टम्टा, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली, हेमा जोशी, नितिन मंगला, गिरीश वर्मा, मुकेश साहू, भीम सिंह रजवार, योगेश जोशी, किरन भंडारी, मयंक पंत, मुकेश बिष्ट, नरेंद्र मेहरा, अर्जुन अधिकारी, नवीन कुमार, गौरव बोहरा, योगेश कुमार, उमेश चंद, आकाश पाटनी, गजेंद्र बोरा, प्रमोद कोठारी आदि को गाड़ी में भरा और ककराली गेट के पास ले जाकर छोड़ा। इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
इधर, इस मामले में भाजपा नेता सुभाष बगौली ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन क्षेत्रीय विधायक के हाथों की कठपुतली बन गया है। कॉलेज प्रशासन की ओर से बुलाने पर जब कार्यक्रम में गए तो फिर कार्यक्रम से पुलिस ने भाजपाइयों को क्यों पकड़ा।