चंपावत। आइए और प्रवेश लीजिए। न कोई प्रवेश परीक्षा और नहीं मेरिट की कोई बाध्यता। ये किसी निजी शिक्षण संस्थान का विज्ञापन नहीं है, बल्कि चंपावत के राजकीय पॉलीटेक्निक की हकीकत है। इस तकनीकी संस्थान में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वालों की संख्या 40 प्रतिशत भी नहीं हो पा रही है। ये हाल भी तब है, जब जीप (पॉलीटेक्निक की संयुक्त अभियांत्रिकी परीक्षा) के रैंकधारियों के साथ ही हाईस्कूल पास वालों को भी प्रवेश का मौका है।
तीन काउंसलिंग के बावजूद पॉलीटेक्निक के इकलौते ट्रेड (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन) के लिए सिर्फ 11 छात्र-छात्राओं की आमद हुई है। पहली दो ऑनलाइन काउंसलिंग में सात अभ्यर्थी आए। 30 की क्षमता वाले इस ट्रेड में सात के लिए चंपावत पॉलीटेक्निक को चयन करने के बाद बाकी सीटों को भरने के लिए 27 नवंबर को तीसरी काउंसलिंग हुई। इस काउंसलिंग में जीप के अलावा हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर प्रवेश देने का भी विकल्प दिया गया था, लेकिन फिर भी सीटें नहीं भरी सकी। वैसे अब इन 11 विद्यार्थियों को मिलाकर भी पॉलीटेक्निक के तीनों वर्षों में कुल छात्र-छात्राएं 22 हैं।
कोट
हाईस्कूल पास अभ्यर्थी को प्रवेश का अवसर देने के बावजूद मात्र चार विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया। इनमें से एक छात्र वह भी, जो मुक्त विद्यालय से दसवीं पास है।
- रोहित जोशी, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलीटेक्निक।
दो कोट
दूसरे ट्रेड के संचालन में आड़े आ रहा किराये का भवन
नगर पालिका के भवन में 2014 से शुरू पॉलीटेक्निक में दो ट्रेड स्वीकृत हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ट्रेड चल रही है, लेकिन दूसरा स्वीकृत ट्रेड इलेक्ट्रिकल शुरू नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह यहां जगह की कमी है। प्राचार्य का कहना है कि किराये के इस भवन में दो ट्रेड मुमकिन नहीं है।
पूरी रकम मिली फिर भी भवन निर्माण की रफ्तार सुस्त
राजकीय पॉलीटेक्निक के भवन का चार साल से काम चल रहा है, लेकिन निर्माण की धीमी गति से काम 2019 के तय वक्त पर पूरा नहीं हो सका। अभी भी यह काम फरवरी 2021 से पहले पूरा नहीं होगा। इस देरी का खामियाजा भी पॉलीटेक्निक में आधारभूत ढांचे और नए ट्रेड के विस्तार में पड़ रहा है। कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता पुष्पेंद्र वर्मा का कहना है कि तीसरी मंजिल का काम फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं पहली दो मंजिल की फिनिशिंग भी अभी अधूरी है। एई का कहना है कि 529 लाख रुपये के इस भवन की पूरी रकम मिल चुकी है। 79 लाख की अंतिम किस्त डेढ़ माह पूर्व मिल गई, लेकिन फिर भी काम रफ्तार नहीं पकड़ सका। वहीं विधायक कैलाश गहतोड़ी का कहना है कि काम को तेजी से पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को आदेश दिए गए हैं। साथ ही भवन पूरा होने पर इलेक्ट्रिकल में प्रवेश के साथ सिविल सहित दो ट्रेड संचालित कराए जाएंगे।