महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जिले में तीन स्थानों पर जल्द ही कलेक्शन सेंटर खुलेंगे। उद्योग विभाग ने इसकी कार्यवाही शुरू कर दी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत खुलने वाले इन कलेक्शन सेंटरों के खुलने के बाद महिला समूह की महिलाएं अपने उत्पादों को कलेक्शन सेंटर में बेच सकेंगी।
उद्योग विभाग की ओर से कलेक्शन सेेंटर खुलने के बाद महिला समूहों को अपने उत्पाद बेचने में आसानी हो जाएगी। वर्तमान में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपने कृषि और अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार की दौड़ लगानी पड़ती है। इसमें उनका समय और धन खर्च होता है। उद्योग विभाग ने सूखीढांग में सेंटर बनाने के लिए 70 लाख का आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया है।
इसमें से 30 लाख की राशि से सेंटर में रखने के लिए विभिन्न प्रकार के उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके अलावा टनकपुर के ज्ञानखेड़ा, लोहाघाट, किमतोली, चंपावत और सिप्टी में ये कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। सेंटर खुलने के बाद महिला समूहों को अपने उत्पाद को बचने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। समूह की महिलाएं अपने उत्पादों को कलेक्शन सेंटर में ले जाकर आसानी से बेच सकती हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को अच्छा बाजार मिलेगा।
जिले में जल्द छह स्थानों पर कलेक्शन सेंटर खोलने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसके अलावा सूखीढांग में कलेक्शन सेंटर खोलने के लिए इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया है। कलेक्शन सेंटर खुलने के बाद समूह की महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने में सहूलियत होगी। एचजी भट्ट, परियोजना निदेशक चंपावत।