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... चंपावत सीट से मैदान में उतरेंगे पुष्कर सिंह धामी!

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चंपावत में विधायक कार्यालय के सम्मुख उद्घोष कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चंपावत सीट से चु? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चंपावत विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा रविवार सुबह से ही विधायक कार्यालय और सोशल मीडिया पर होती रही। यह चर्चा तब और तेज हो गई जब विधायक कैलाश गहतोड़ी चंपावत के सभी कार्यक्रमों को छोड़कर रविवार सुबह देहरादून चले गए। भाजपा की जिला इकाई ने बाद में बाकायदा मुख्यमंत्री के चंपावत सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भी भेज दिया। चंपावत मंडल ने भी बैठक कर सीएम धामी से चंपावत से ही चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है।
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मतगणना के दिन चुनाव नतीजा घोषित होने के बाद विधायक कैलाश गहतोड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए चंपावत सीट छोड़ने का प्रस्ताव रखा था। इसके कुछ दिन बाद प्रदेश के पांच अन्य विधायकों ने भी सीएम के लिए अपनी सीटें छोड़ने की पेशकश की थी।
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक पाठक ने कहा कि विधायक गहतोड़ी 10 मार्च से ही अपनी सीट मुख्यमंत्री के लिए छोड़ने की पेशकश कर रहे हैं। पार्टी ने भी इसका प्रस्ताव भेजा है। चंपावत मंडल इकाई ने भी रविवार को बैठक में इस बाबत प्रस्ताव पारित किया है। मंडल अध्यक्ष कैलाश अधिकारी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेज मुख्यमंत्री को चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ाने का आग्रह किया है।
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शपथ लेने के बाद बनबसा-टनकपुर का दौरा कर चुके हैं सीएम
चंपावत। जुलाई 2021 में मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी का चंपावत क्षेत्र से शुरू से लगाव रहा है। सीएम के रूप में छह माह की पहली पारी में उन्होंने बनबसा-टनकपुर, चंपावत, अमोड़ी, देवीधुरा, नाखुड़ा का दौरा किया। 23 मार्च को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री बनबसा, टनकपुर, पूर्णागिरि धाम का दौरा कर चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि इन दौरों से मुख्यमंत्री यहां के सियासी मिजाज को भी परख रहे हैं।
मुख्यमंत्री को 22 सितंबर तक विधानसभा सदस्य बनना है। वे चुनाव कहां से लड़ेंगे, यह अभी तय नहीं हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि चंपावत सीट से उन्हें उपचुनाव लड़वाने पर पार्टी नेतृत्व संजीदगी से मंथन कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री धामी का एक और दो अप्रैल को बनबसा, टनकपुर दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा था। दो अप्रैल को कई कार्यक्रमों में शिरकत करने वाले सीएम टनकपुर में चाय की दो दुकानों में भी गए। मौजूदा सियासी सरगर्मी को इसी क्रम में देखा जा रहा है।
चंपावत सीट पर क्यों है सीएम की नजर
1. मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र और उनके पुराने विधानसभा क्षेत्र (खटीमा) से सिर्फ 12 किमी की दूरी पर है चंपावत।
2. मैदान-पहाड़ वाली इस सीट को कवर करने में अधिक समय नहीं लगेगा। आधे से अधिक मतदाता सिर्फ टनकपुर-बनबसा में।
3. जातीय और क्षेत्रीय कारणों के अलावा पूर्व सैनिक बहुल क्षेत्र होना। फौजी पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले सीएम के लिए नेपाल सीमा से लगे इस क्षेत्र में पूर्व फौजियों की अच्छी तादाद भी लाभदायक होगी
4. यह सीट लगातार दो बार अच्छे अंतर (2017 में 17360 और 2022 में 5304 वोट) से भाजपा की झोली में गई है।
विधायक ने मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ने के दिए संकेत
कार्यर्ताओं से कहा कि चुनाव के लिए रहें तैयार, भारी मतों से जिताने की अपील की
बनबसा (चंपावत)। देहरादून रवाना होने से पहले विधायक कैलाश गहतोड़ी ने रविवार प्रात: अपने आवास पर बैठक की। इसमें कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की सराहना कर उन्हें योग्य प्रशासक बताया। विधायक ने कहा कि वे आमजन की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं। चंपावत के विकास के लिए वह मुख्यमंत्री धामी से यहां से चुनाव लड़ने की बात पहले से ही कह रहे हैं। वे शीघ्र ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गठन में जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है उनके स्वप्न पूरे करने हैं। सभी लोग चाहते हैं कि मुख्यमंत्री चंपावत से ही चुनाव लड़ें। इसके लिए उन्होंने अपनी सीट छोड़ने का निर्णय लिया है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक, मंडल अध्यक्ष संदीप पाठक, हेमा जोशी, संजय जोशी, शंकर लाल वर्मा, मोनू ठाकुर, संजय ठाकुर, रानी कापड़ी, हेमंत प्रसाद, उमेश चंद्र भट्ट, देवेंद्र ठाकुर आदि थे।
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