सूखे की मार और अवषर्ण का संकट दूर करने के लिए चंपावत जिला मुख्यालय में प्राकृतिक बादल बनाकर बरसात कराने का अनूठा प्रयोग दूसरे दिन भी जारी रहा। गुजरात के राजकोट से आए मेघराज मशीन के निर्माता मोहन भाई और उनकी टीम मंगलवार को भी अपने प्रयास में जुटी रही।
मंगलवार को एक बार फिर से मोहन भाई ने मनचाही बरसात कराने का दावा दोहराया। मेघराज मशीन के चलने के बाद से वातावरण में परिवर्तन आना शुरू हो गया है। मंगलवार को चटख धूप खिलने के बावजूद आसमान में हल्के बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अलबत्ता शाम होते होते बादल गायब हो गए।
बता दें कि जिले को सूखे की चपेट से बचाने के लिए डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी और जिला लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत की ओर से अनूठा प्रयोग कराया जा रहा है।
जिसमें मेघराज मशीन के प्रयोग से वातावरण में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के आयनों को एकत्र कर दो तीन दिनों से लेकर 15 दिनों के भीतर कृत्रिम बादल बनाकर बरसात कराई जाएगी। डीएम के अनुसार यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो जिले के अन्य विकासखंडों में भी इसको आजमाया जाएगा।
रात में बिजली कटने से हुई दिक्कत
चंपावत। कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह में किए जा रहे अनूठे प्रयोग के पहले ही दिन बिजली कटने से दिक्कत हो गई। सोमवार रात पावर कट होने से मशीन बंद हो गई। अलबत्ता मंगलवार सुबह को जनरेटर की उपलब्धता के साथ ही मशीन को फिर से शुरू कर दिया गया है।
लोगों में मशीन देखने को लेकर उत्सुकता
चंपावत। गुजरात से उत्तराखंड के चंपावत में आकर मनमाफिक बरसात कराने का दावा करने वाले मोहन भाई की मेघराज मशीन देखने को लेकर लोगों में खासी उत्सुकता है। अनूठे प्रयोग की खबर सार्वजनिक होने के बाद मंगलवार सुबह से मशीन को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। लोग छोटी सी मशीन को देख कर कयासबाजी करते देखे गए।
दावों के सच होने का है इंतजार
चंपावत। मेघराज मशीन से तीन से 15 दिनों के भीतर में 15 किलोमीटर की परिधि में बरसात होने के दावों के सच होने का लोगों को इंतजार है। इस अनूठे प्रयोग के लिए मोहन भाई को गुजरात से यहां बुलाने वाले लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत का कहना है कि दावा यकीनन सच साबित होगा।