चंपावत। जिले के मैदानी क्षेत्र और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के दुग्ध उत्पादकों के लिए अच्छी खबर है। जिले के मैदानी क्षेत्र बस्टिया में जल्द ही दुग्ध संघ की ओर से 10 लाख रुपये की लागत से अवशीतन केंद्र (चिलिंग प्लांट) का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए दुग्ध संघ की ओर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करीब पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में खुलने वाले अवशीतन केंद्र से क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।
जिले में अधिकतर किसान पशुपालन से जुड़े हैं और दुग्ध उत्पादन उनका प्रमुख व्यवसाय बन गया है। दुग्ध संघ अध्यक्ष पार्वती देवी ने बताया कि अवशीतन केंद्र खुलने से किसानों को लाभ मिलेगा। बस्टिया क्षेत्र में अवशीतन केंद्र के निर्माण के लिए पहले चरण में 10 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की जा चुकी है। अवशीतन केंद्र के बनने से टनकपुर-बनबसा के आसपास के गांवों के साथ ही सूखीढांग, धूरा, मथियाबांज, तलियाबांज सहित डांडा जैसे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों पशुपालकों को लाभ मिलेगा। अभी तक इन क्षेत्रों में दुग्ध संघ की कोई भी समिति कार्य नहीं कर रही है। अवशीतन केंद्र खुलने से यहां के लोगों को पशुपालन के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
20 समितियों से प्रतिदिन प्राप्त हो रहा 8500 लीटर दूध
चंपावत। वर्तमान समय में जिले के मैदानी क्षेत्र में 20 दुग्ध समितियां काम कर रही हैं। इन समितियों से रोजाना 8500 लीटर दूध उपलब्ध हो रहा है जिसे प्रोसेसिंग के लिए खटीमा भेजा जाता है। उसके बाद खटीमा से टनकपुर, बनबसा, बस्टिया तक इस दूध को बाजार मेें बेचा जाता है। अब बस्टिया में अवशीतन केंद्र खुलने से यहां पर दुग्ध समितियां के विस्तार के साथ-साथ दूध की मात्रा में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। संवाद
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
चंपावत। अवशीतन केंद्र खुलने से स्थानीय महिलाओं को रोजगार से जुड़कर आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिन क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं हो पा रहें है, वह भी पशुपालन से अपना स्वरोजगार हासिल कर सकेंगी। इसके अलावा स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिल सकेगा। संवाद
कोट
चंपावत जिले के बस्टिया में अवशीतन केंद्र का निमार्ण कार्य किया जाना है। इसके लिए जगह का चयन करने के साथ निर्माण की सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अवशीतन केंद्र से स्थानीय स्तर पर महिलाओं को स्वरोजगार से जुडने का मौका मिलेगा।
अरुण टम्टा, दुग्ध संघ प्रबंधक, चंपावत।