चंपावत। जिले में केंद्र सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय पशुधन मिशन की तर्ज पर शुरू की जा रही मुख्यमंत्री पशुधन मिशन योजना पशुपालकों की आय बढ़ाने में मददगार होगी। मुख्यमंत्री पशुधन मिशन योजना में उद्यमिता विकास घटक मेंं बड़े पशुओं, छोटे पशुओं और कुक्कुट विकास सम्मिलित है।
इसके अंतर्गत बैंकों के माध्यम से पशुपालकों को 90 फीसदी ब्याज छूट दी जाएगी। लाभार्थियों की ओर से लिए गए ऋण के बैंक को वापस लौटाने की अवधि तीन साल होगी। इस संबंध में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. बीसी कर्नाटक की ओर से राज्य के सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निदेशालय स्तर पर सभी जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
प्रथम चरण में तीन इकाइयां की गई स्थापित
चंपावत। मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन योजना के तहत जिले में प्रथम चरण में तीन इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। पशुपालन विभाग की ओर से बनबसा और टनकपुर में बड़े पशुओं और कुक्कुट विकास संबंधी तीन इकाइयां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा डेयरी पशु इकाई, भारवाहक पशु इकाई, भेड़-बकरी इकाई, सूकर इकाई और कुक्कुट पालन इकाई के लिए विभाग के पास लगातार आवेदन आ रहे हैं। संवाद
लाभार्थियों को करना होगा आवेदन
चंपावत। पशुधन मिशन योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से संबंधित पशु चिकित्साधिकारी के यहां आवेदन जमा करना होगा। जिसके बाद डीएम की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति की ओर से उसका अनुमोदन किया जाएगा। संवाद
कोट
मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन योजना का उद्देश्य पशुधन विकास और पशुपालन गतिविधियों के सुचारु रूप से चलाना है। साथ ही सभी प्रजाति के पशुधन का सर्वागींण विकास करना है। - डॉ. बसुंधरा, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, चंपावत।