चंपावत। प्रदेश का अकेला ऐसा जिला मुख्यालय है चंपावत, जहां से किसी भी जगह के लिए रोडवेज की एक भी सीधी बस सेवा नहीं है। मगर अब अगले दो महीनों के भीतर इस स्थिति में बदलाव आएगा। चंपावत से सूबे के शेष सभी 12 जिला मुख्यालयों को बस सेवा शुरू होगी। इसके लिए परिवहन विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री लोक परिवहन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत चंपावत से 13 बस सेवा शुरू होगी। इन बसों में से 12 बसें प्रदेश के तमाम जिला मुख्यालयों में चलाई जाएगी। नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली जिला मुख्यालय के अलावा चंपावत से एक बस दिल्ली चलेगी।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए साल के शुरू में जिला मुख्यालय के लोगों को आवाजाही की सुविधाएं बढ़ सकेगी। रोडवेज स्टेशन लोहाघाट के प्रभारी बृजबिहारी का कहना है कि लोहाघाट से कुल 41 बसें चलाई जा रही हैं, लेकिन चंपावत से अभी कोई भी सीधी बस सेवा नहीं है। जिले में इसके अतिरिक्त टनकपुर, लोहाघाट, श्रीरीठा साहिब से दिल्ली सहित कई रूटों पर 11 बसें चलेंगी।
सीएम लोक परिवहन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत परिवहन विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। 20 से 28 सीटर ये बसें वातानुकूलित होंगी। निजी बस ऑपरेटर इन बसों के लिए परिवहन निगम से पांच वर्ष के लिए अनुबंध करेंगे। एआरटीओ रश्मि भट्ट ने बताया कि प्राइवेट वाहन ऑपरेटरों के अभिरुचि की अभिव्यक्ति आवेदन पत्र 30 नवंबर तक जमा कराया जा सकेगा।
चंपावत। करीब दो माह पूर्व लोनिवि के पुराने डिवीजन कार्यालय को रोडवेज बस स्टेशन के लिए परिवहन निगम को हस्तांतरित कर दिया गया, लेकिन रोडवेज बस स्टेशन अब तक शुरू नहीं हो सका है। परिवहन निगम के एक कर्मी एनडी जोशी को चंपावत बस स्टेशन की जिम्मेदारी सौंपने और रोडवेज के साइन बोर्ड के अलावा निगम ने एक भी कदम नहीं उठाया, जबकि स्टेशन में लोनिवि के बने कई कमरे हैं।