पाटी (चंपावत)। मां बाराही धाम देवीधुरा में आठ अगस्त से शुरू होने वाला बगवाल मेला 12 दिन तक चलेगा। मेले का मुख्य आकर्षण 12 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होने वाली बगवाल रहेगी। मेला क्षेत्र साढ़े पांच किमी के दायरे में होगा।
डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता और मंदिर के पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी के संचालन में सोमवार को मां बाराही मंदिर परिसर में हुई तैयारी बैठक में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। मेला क्षेत्र में चार जगहों पर मेले के लाइव प्रसारण के लिए चार एलईडी लगाई जाएगी। पुलिस पेट्रोलिंग के साथ ही मेला क्षेत्र में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली, वाहन पार्किंग व्यवस्था सहित मेले से संबंधित सभी तैयारियों को 31 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय मेला घोषित होने के बाद डीएम ने व्यवस्थाओं के लिए एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के लिए आपदा के लिहाज से संवेदनशील स्थलों पर मशीनें तैनात करने के साथ ही गड्ढों को भरने और नाली निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सकों, स्टाफ के साथ ही दवाएं, एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। टैक्सियों में किराये के निर्धारण के अलावा हादसों पर लगाम लगाने के लिए नियमित रूप से चेकिंग के लिए परिवहन विभाग को हिदायत दी गई।
इसके अलावा सफाई के लिए 25 पर्यावरण मित्रों की व्यवस्था रहेगी। अस्थायी शौचालय बनाए जाएंगे। बैठक में विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बगवाल मेले को राजकीय मेला का दर्जा देने पर सहमति जताई है। जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय ने कहा कि मेले के आयोजन में जिला पंचायत सहयोग करेगी।
तीन दिन बंद रहेगी शराब की दुकान
पाटी (चंपावत)। मेलावधि के दौरान देवीधुरा की शराब की दुकान तीन दिन तक बंद रहेगी। इसे लेकर मंदिर समिति ने बैठक में आग्रह किया। इसके बाद डीएम ने 12 अगस्त (बगवाल), 13 अगस्त (डोला यात्रा) और 19 अगस्त (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) को शराब की दुकान बंद रखने के आदेश दिए।
रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल का स्टॉक रखें
पाटी (चंपावत)। डीएम ने मेलावधि में रसोई गैस की व्यवस्था बनाए रखने, क्षेत्र के पंपों में पेट्रोल, डीजल का स्टॉक रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने दूध, दूध से निर्मित सामग्री की आपूर्ति करने को कहा। मेले के दौरान समाज कल्याण विभाग की ओर से पेंशन यूआईडी कार्ड बनाने का शिविर लगाने के निर्देश भी दिए।
ये रहे मौजूद
पाटी (चंपावत)। बैठक में मंदिर कमेटी अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया, चम्याल खाम के मुखिया गंगा सिंह, गहरवाल के त्रिलोक सिंह, लमगड़िया खाम के वीरेंद्र सिंह, वालिग खाम के बद्री सिंह, ब्लॉक प्रमुख पाटी सुमनलता, जिला पंचायत सदस्य सीमा विश्वकर्मा, बिशन सिंह, लक्ष्मी दत्त, भुवन जोशी, नवीन राणा, ईश्वर बिष्ट, राजेश बिष्ट, मोहन सिंह, अमित लमगड़िया, जगदीश सिग्वाल, दान सिंह, उमेश सिंह, चंदन सिंह, राजू चौहान, गंगा सिंह, केशर अधिकारी, रोशन सिंह लमगड़िया, मदन बोरा, नरेंद्र राणा, गोकुल कोहली, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम मनीष बिष्ट, सीओ विपिन पंत, जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी आदि।
परंपरा निभाने को खेली जाती है बगवाल
पाटी (चंपावत)। चारों खाम (चम्याल, गहरवाल, लमगड़िया, वालिग) सहित कुल सात थोकों के योद्धा रक्षाबंधन के दिन पूजा के बाद फल-फूलों से बगवाल खेलते हैं। माना जाता है कि पूर्व में यहां नरबलि दिए जाने का रिवाज था लेकिन जब चम्याल खाम की एक वृद्धा के एकमात्र पौत्र की बलि की बारी आई तो वंशनाश के भय से बुजुर्ग महिला ने मां बाराही की तपस्या की। देवी मां के प्रसन्न होने के बाद बगवाल की यह परंपरा शुरू हुई। तभी से बगवाल का सिलसिला चला आ रहा है।
बगवाल मेले में आएंगे मुख्यमंत्री धामी
पाटी (चंपावत)। मां बाराही धाम देवीधुरा मंदिर कमेटी के संरक्षक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मण सिंह लमगड़िया के नेतृत्व में देहरादून गए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बगवाल मेले के लिए आमंत्रण दिया। लमगड़िया के मुताबिक सीएम ने बगवाल के दिन 12 अगस्त को आने की सहमति जता दी है। मेले को राजकीय दर्जा देने, देवीधुरा क्षेत्र के विकास, पीजी की कक्षाओं के संचालन का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा, बीडी जोशी, लक्ष्मीकांत पांडेय मौजूद थे।