नोटबंदी के 44 दिन बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। उल्टा अब नकदी की कमी से हालत बिगड़ने का खतरा हो गया है। बृहस्पतिवार को चंपावत की कैश चेस्ट में भी कैश की किल्लत हो गई। कैश चेस्ट के पास 70 लाख से भी कम नकदी थी। इसमें भी 45 लाख रुपए मूल्य के 1, 2, 5 और 10 रुपये के सिक्के थे। जबकि 14 लाख रुपये मूल्य के 100 और 2000 के नोट थे। इन सिक्कों को बैंकों से लेकर ग्राहक तक कोई भी आसानी से स्वीकार नहीं रहा है। लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत का कहना है कि कैश के लिए रिजर्व बैंक से आग्रह किया गया है।
एसबीआई की चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि जल्द नकदी नहीं आने पर मारामारी बढ़ सकती है। अगर अगले तीन दिनों में नकदी नहीं मिली तो शनिवार और रविवार को अवकाश के बाद सोमवार से बैंकों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। कैश की कमी से बृहस्पतिवार को बैंकों को नकदी भी नहीं दी जा सकी। जिला सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक, नैनीताल बैंक सहित कई बैंकों में अब ग्राहकों को पांच हजार रुपए मिलना भी मुश्किल हो रहा है। उधर, बृहस्पतिवार को इलाके में सात एटीएम काम नहीं कर रहे थे। 8 एटीएम से 2000 से 2500 रुपये तक निकल रहे थे। इस वजह से कई जगह लाइनें भी लगी।