इलाज की सुविधा को तरस रहे पूर्व सैनिकों ने पॉलीक्लीनिक की लड़ाई लड़ने का एलान किया है। पाटी और खेतीखान में हुई सभा में पूर्व फौजियों ने इसे लेकर हर तरह के संघर्ष में साथ देने की बात कही। कहा कि इन दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के पूर्व सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों को इलाज की प्रारंभिक सुविधा के लिए 160 किलोमीटर दूर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। चंपावत में पॉलीक्लीनिक खोलने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी पास किया गया।
पाटी में सूबेदार तेज सिंह और खेतीखान में कैप्टन उमेश्वर बोहरा की अध्यक्षता में हुई सभाओं में स्क्वाडन लीडर मोहन चंद्र शर्मा ने कहा कि पूर्व फौजियों को रिटायरमेंट के वक्त ईसीएचएस की सुविधा के लिए 10 हजार रुपये से अधिक देने पड़ते हैं, मगर जिला मुख्यालय में पॉलीक्लीनिक जैसी जरूरी सहूलियत नहीं है। चंपावत के लिए मंजूर केंद्र को कुछ साल पूर्व बनबसा में स्थापित कर दिया गया। अधिक दूरी का खामियाजा जिले के 5 हजार पूर्व फौजियों में से 90 प्रतिशत को भुगतना पड़ रहा है।
तय किया गया कि चंपावत में जल्द ही पॉलीक्लीनिक खोलने के लिए सेना के उच्चाधिकारियों से पत्राचार भी किया जाएगा। दोनों जगह हुई सभाओं में कर्नल सुरेश अधिकारी, कैप्टन रमेश फर्त्याल, सूबेदार सुंदर सिंह देव, हयात सिंह अधिकारी, एनके चायगिरि, मनमोहन, भैरव दत्त, प्रकाश चंद्र, कृष्णानंद, शिवराज सिंह, छत्तर सिंह, देव सिंह, आनंद सिंह आदि ने विचार रखे।