डिपो में नई बसों का है टोटा, सड़क पर दगा दे रही पुरानी बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। परिवहन निगम का लोहाघाट डिपो पुरानी बसों के भरोसे चल रहा है। डिपो की 34 फीसदी बसें पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा पूरा करने के बावजूद दौड़ाई जा रही हैं। ये बसें रास्ते में खराब हो जाती हैं और यात्रियों को खामियाजा भुगतना पड़ता है।
डिपो के बेड़े में कुल 32 बसें हैं। इन बसों का दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, देहरादून, बरेली, नैनीताल, हल्द्वानी, काशीपुर, पोंटासाहिब रुटों में बसों का संचालन होता है। डिपो को पूर्व में मिली 12 नई बसों का संचालन दिल्ली रुट पर किया जाता है। अन्य रुटों पर पुरानी बसों को दौड़ाया जा रहा है। इनमें से 11 बसें पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी हैं और नौ बसें मानक पूरा करने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। ये बसें रास्तों में दगा दे रही हैं। कई बार बसें ठीक नहीं होने की दशा में यात्रियों को दूसरी बस में शिफ्ट कर गंतव्य को रवाना करना पड़ जाता है।
कोट:
डिपो की 11 बसें पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी हैं। डिपो में बसों की स्थिति की जानकारी समय समय पर निगम प्रबंधन को भेजी जा रही है। - धीरज वर्मा, एजीएम, रोडवेज लोहाघाट।