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बजट अटका, काम लटका

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क्वैराला पंपिंग योजना के तहत बना टैंक। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। नगर और आसपास की प्यास बुझाने के लिए निर्माणाधीन क्वैराला पेयजल योजना का काम लटक गया है। धन अवमुक्त न होने से यह काम रुक गया है। ऐसे में अब इस योजना को पूरा करने में और अधिक समय लगने का खतरा है।
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नगरवासियों को अगले तीन दशक तक पर्याप्त पेयजल देने के लिए पांच साल पहले क्वैराला पेयजल योजना मंजूर हुई। 30.88 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन पेयजल योजना को 2019 में पूरा होना था, लेकिन बजट में देरी और अन्य कारणों से काम लटका रहा। इसके लिए मिले 23 करोड़ रुपयों से 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। टैंक, पाइप लाइन, पावर हाउस, ट्रीटमेंट प्लांट के काम लगभग पूरे कर लिए हैं। बिजली कनेक्शन और लाइन बिछाने के लिए दो करोड़ रुपये ऊर्जा निगम को भी दिए जा चुके हैं। आगे के काम के लिए धन अवमुक्त न होने से फिर काम रुक गया है। योजना के तहत अब पंप और ट्रांसफार्मर की खरीद के अलावा कुछ अन्य कामों के लिए धन की जरूरत है, लेकिन बकाया 8.88 करोड़ रुपये न मिलने से अब काम लटका है। कहा जा रहा है कि अगर जल्द बजट मिला, तो निर्माण कार्य मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। बजट में देरी से लागत बढ़ने की आशंका भी है।
एक-तिहाई से कम मिल रहा पानी
चंपावत। नगर में फिलहाल नागरिकों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। बमुश्किल एक-तिहाई पानी मिल पा रहा है। जल संस्थान से जारी आंकड़ों के मुताबिक नगर को रोजाना रोज 17.50 लाख लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन महज छह लाख लीटर पानी मिल रहा है। इसके चलते लोगों को पानी की किल्लत का अक्सर सामना करना पड़ता है। नागरिकों का कहना है कि अगर ये योजना वक्त पर बनती, तो लोगों को भरपूर मात्रा में पानी मिल जाता। संवाद
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योजना के तहत 85 प्रतिशत काम किया जा चुका है। बची रकम नहीं मिल पाई है। इसके लिए मांग की गई है। धन मिलने पर काम को तेजी से करा पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
- वीके जोशी, ईई, जल निगम, चंपावत।
क्वैराला पंपिंग योजना में धन अवमुक्त न होने से काम पर कुछ असर पड़ा है। अधिकारियों से बात कर रकम अवमुक्त कराई जा रही है। जल्द से जल्द काम पूरा करा लोगों की पेयजल समस्या दूर की जाएगी।
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- कैलाश गहतोड़ी, विधायक, चंपावत।
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