चंपावत जिला सभागार में बीएडीपी कार्यों की समीक्षा करते जिलाधिकारी एसएन पांडेय।
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सीमांत क्षेत्र विकास निधि (बीएडीपी) के कार्यों को दूसरे विभाग को प्रत्यावर्तित करने वाले सिंचाई विभाग के ईई, एई और जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि मिलेगी।
बीएडीपी के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष सिंचाई खंड लोहाघाट की ओर से 20 योजनाओं में से 12 योजनाओं में हाथ खड़े करने और योजनाओं को खंड विकास अधिकारी चंपावत को प्रत्यावर्तित करने को गंभीर लापरवाही मानते हुए डीएम एसएन पांडेय ने सिंचाई विभाग के ईई सहित संबंधित एई और जेई के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि का प्रस्ताव सचिव सिंचाई को भेजने और उसकी प्रति मुख्य सचिव को भी प्रेषित करने के निर्देश सीडीओ को दिए। डीएम ने कहा कि 15 सितंबर तक कार्यों में प्रगति न दिखने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को जिला सभागार में बीएडीपी की समीक्षा बैठक में सिंचाई विभाग की ओर से मार्च की धनराशि को जुलाई में वापस करने और 12 कार्यों के लिए असमर्थता जताने पर डीएम बिफर पड़े। उन्होंने आठ कार्यों के लिए अवशेष 70.44 लाख रुपये की प्रथम किस्त में से व्यय शून्य होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए 15 सितंबर तक प्रगति न लाने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में उद्योग, क्रीड़ा, जल संस्थान, नलकूप आदि विभागों की समीक्षा हुई। इस मौके में मुख्य विकास अधिकारी टीएस मर्तोलिया, डीडीओ एसके पंत, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, सीवीओ डॉ. बीएस जंगपांगी सहित खंड विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।