निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीवी मार्ग निर्माण में बाधक बनी अंग्रेज चट्टान के सोमवार अचानक फिर से दरकने से मलबे में दबकर कार्यदायी कंपनी के पेेटी ठेकेदार की मौत हो गई। जेसीबी, पोकलेन ऑपरेटरों ने कूद कर किसी तरह जान बचाई। इस दौरान एक ऑपरेटर मामूली रूप से घायल हो गया। हादसे का पता चलते ही प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल को रवाना हो गए। खबर लिखे जाने तक पुलिस, राजस्व, एसडीआरएफ का दल मौके पर पहुंच चुका था, लेकिन मलबे में दबे ठेकेदार का शव नहीं निकाला जा सका था। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। हादसा उसी जगह हुआ है, जहां दो महीने पहले पहाड़ी दरकने से ठेकेदार कंपनी के दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी।
नकपुर-जौलजीवी मार्ग पर ठुलीगाड़ से आगे चूका तक 18 किमी मार्ग निर्माण का कार्य गाजियाबाद की आरजी बिल्डवेल कंपनी करा रही है। सोमवार शाम कंपनी के पेटी ठेकेदार परमानंद जोशी की मौजूदगी में जेसीबी, पोकलेन मशीन से अंग्रेज चट्टान को दोनों ओर से काटा जा रहा था। इसी बची अचानक चट्टान दरकी और मलबे की चपेट में आकर चंद्रभागा ऐंचोली पिथौरागढ़ निवासी ठेकेदार परमानंद जोशी (55) पुत्र गोपाल दत्त की मौके पर ही मौत हो गई। इधर जेसीबी से कूदने में खैरना अल्मोड़ा निवासी पोकलेन ऑपरेटर लक्ष्मण सिंह बिष्ट (34) घायल हो गए। मौके पर तहसीलदार पूनम पंत, सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष राजेश पांडेय, कार्यदायी विभाग पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) के इंजीनियर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराए। सीओ रौतेला ने बताया कि ठेकेदार के परिजनों को सूचना दे दी गई है।