डांडा-ककनई में बरसाती नालों से हो रहा भूकटाव
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जिले के दुर्गम डांडा और ककनई ग्रामसभा के गांवों में बरसाती नालों के कटाव से ग्रामीणों की कृषि भूमि तबाह हो रही है।
ग्रामीणों के खेत कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं, वहीं कई मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है। परेशान और चिंतित ग्रामीणों ने प्रशासन से दैवीय आपदा मद से शीघ्र भूकटाव की रोकथाम किए जाने की मांग उठाई है।
डाडा की प्रधान खष्टी देवी ने बताया कि बरसाती सिलवानी नाले से हो रहे कटाव से डांडा में प्रेम सिंह, भरतसिंह, शिवराज सिंह, मदन सिंह, हर सिंह की कई नाली भूमि नाले में समा चुकी है। आसपास के कुछ मकानों को भी कटाव से खतरा पैदा हो गया है।
इधर, ककनई के प्रधान मोहन सिंह के मुताबिक बरसाती क्षीण नाला तेजी से भूकटाव कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामसभा के कठौती में हयात सिंह, मोहन सिंह, रुद्र सिंह और ईश्वर सिंह की कई नाली खेती योग्य भूमि कटाव की भेंट चढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि कटाव की रफ्तार यहीं रही तो कई ग्रामीण भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने शासन-प्रशासन से प्रभावित ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिए जाने के साथ ही समय रहते भूकटाव रोकने के लिए दैवी आपदा मद से बचाव कार्य कराए जाने का आग्रह किया है।