देश की आजादी के सात दशक पूरे होने के बाद भी चंपावत जिले के सीमांत बकोड़ा ग्राम पंचायत के ग्रामीण आज भी बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं। शासन प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए इस बार ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम को ज्ञापन भेज कर अवगत करा दिया गया है। बकोड़ा ग्राम पंचायत के साथ ही मोस्टा, अंकेरी और हेमलेट तोक के ग्रामीण भी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
प्रधान झामा देवी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि बकोड़ा में कहीं भी बिजली की लाइन, पेयजल सुविधा, किसी प्रकार आने जाने की सुविधा के साथ शिक्षा का कोई साधन नहीं है। स्वास्थ्य सेवा नहीं होने से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शिक्षा के लिए बच्चों को दस किमी दूर मंच भेजना पड़ता है।
कहा गया है कि ग्राम पंचायत के मोस्टा, अंकेरी और अन्य छोटे-छोटे तोकों के ग्रामीण भी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन देने वालों में पूर्व प्रधान फतेह सिंह, बच्चन सिंह, नारायण सिंह, सुंदरसिंह, दीवान सिंह, टेहर सिंह, गंगा सिंह सहित तमाम ग्रामीण शामिल हैं।