चंपावत। जिले के सरकारी विद्यालयों में फिर से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। इसके लिए विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। कोरोना के समय से विद्यालयों में एहतियातन बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज कराने पर रोक लगा दी गई थी। तब से रजिस्टरों में ही समस्त स्टाफ की उपस्थिति दर्ज होती रही।
मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह में देश में फैल बीमारी के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया। तब सामाजिक दूरी और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से उपस्थिति को लेकर चल रहे बायोमेट्रिक पंजीकरण पर भी रोक लगा दी गई थी। एक बार फिर से जिले के विद्यालयों में शिक्षकाें की बायाेमेट्रिक पंजीकरण से उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर आदेश जारी किए गए हैं।
कोविड से पूर्व जिले के सभी विद्यालयों और कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन स्थापित की गई थी। अब करीब तीन साल बाद बायोमेट्रिक मशीनों को लेकर खंड शिक्षाधिकारियों से जानकारी मांगी जा रही है। सीईओ मेहरबान सिंह ने बताया कि जिले के विद्यालय में कार्मिक प्रधानाचार्यों, अध्यापकों और कार्मिकों की वेतन निकासी भी बायोमेट्रिक से होगी। इसके साथ ही सभी कार्मिकों की आईडी कोषागार से लिंक कर दी जाएगी। खंड शिक्षाधिकारियाें को क्रियाशील और निष्क्रिय मशीनों को लेकर जानकारी मांगी गई है।
शिक्षक नहीं हैं तैयार
चंपावत। शिक्षकों ने बताया कि वह बायोमेट्रिक उपस्थिति फिर से शुरू होने से उन्हें थोड़ी मुश्किल होगी। लंबे समय तक रजिस्टर की आदत बन गई थी। अब बायोमेट्रिक की आदत को ससमय करना आसान नहीं होगी।