पाषाण युद्ध के लिए प्रसिद्ध देवीधुरा का बग्वाल मेला 26 अगस्त से 5 सितंबर तक होगा। 29 अगस्त को मेले का मुख्य आकर्षण बग्वाल होगी। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल मेले का उद्घाटन करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री हरीश रावत बग्वाल के दिन मुख्य अतिथि रहेंगे। इस वर्ष भी फूल और फलों से परंपरागत बग्वाल खेली जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों, चारखाम सात थोकों के प्रतिनिधियों और मेला कमेटी की मंगलवार को बैठक हुई, जिसमें पाटी के एसडीएम जेएस राठौर को मेला मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य अधिकारी शेर सिंह परगांई को मेलाधिकारी तथा सीओ आरएस रौतेला को पुलिस मेलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
साढे़ पांच किमी के मेला क्षेत्र में मीट, शराब पीने, खेल के नाम पर जुआ और पॉलीथिन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। जिला पंचायत व्यापारियों से कोई टैक्स नहीं लेगी। अलबत्ता प्रत्येक व्यापारी को जिला पंचायत में अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा।
पहली बार मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। कीर्ति जोशी के संचालन में डीएम दीपेंद्र चौधरी ने कहा कि बग्वाल मेले को लेकर चंपावत की अलग पहचान रही है। एसपी डीएस कुंवर ने कहा कि पहली बार यह मेला पुलिस के अधीन संचालित किया जा रहा है।
मेले से पूर्व यहां चौकी स्थापित की जाएगी। टैक्सियों तथा दुकानों में अनिवार्य रूप से रेट लिस्ट लगाई जाएंगी। मेला कमेटी के संरक्षक एलएस लमगड़िया ने चारखाम सात थोकों के प्रतिनिधियों के लिए अलग से पोशाक बनाने का सुझाव दिया।
इस दौरान जिपं सदस्या मीना देवी, पीडी केएन तिवारी, तहसीलदार बीएस माहरा, एसओ प्रभात कुमार, कनिष्ठ प्रमुख हयात सिंह बिष्ट, प्राचार्य बीसी जोशी, डा.एमएम जोशी, रामू लमगड़िया, कविराज मौनी, राजू बिष्ट, त्रिभुवन चम्याल, गिरीश सिंग्वाल आदि थे।
मेले में दिनेश चम्याल के नेतृत्व में स्वयं सेवकों का दल पुलिस के साथ सहयोग करेगा। यहां पुरानी छतों में बैठकर बग्वाल देखना प्रतिबंधित होगा। मंदिर परिसर को सौर ऊर्जा से जगमग किया जाएगा।
मेले के दौरान यहां दिन में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जीआईसी के स्काउट तथा एनएसएस कार्यकर्ता मेले के आयोजन में सहयोग करेंगे।
27 अगस्त को देवीधुरा में बहुउद्देश्यीय शिविर लगाया जाएगा। साथ ही यहां एनएसएस स्वयं सेवकों की ओर से रक्तदान भी किया जाएगा। शिविर लगाकर विद्युत बिलों में हुई गड़बड़ी को ठीक किया जाएगा।