जिले के मनोरोगियों को जिला अस्पताल में बेहतर इलाज मिल सकेगा। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि मनोरोगी के संपूर्ण इलाज के लिए मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, मनोरोग सामाजिक वर्कर (पीएसडब्ल्यू) और साइकोटिक नर्स की टीम का होना जरूरी है। अब मनोचिकित्सक डॉ. राजेश गुप्ता के अलावा प्रदेश को पहले पीएसडब्ल्यू के डिप्लोमाधारी मिल गए हैं।
जिला अस्पताल में कार्यरत हेम बहुगुणा ने एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के ऑनलाइन पाठ्यक्रम में देश के 19 अन्य लोगों के साथ डिप्लोमा हासिल किया है। ये डिप्लोमा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बेंगलुरू के संस्थान से ऑनलाइन प्रशिक्षण के बाद दिया है।
हेम बहुगुणा का कहना है कि इस प्रशिक्षण के बाद अब वह मादक पदार्थों से ग्रस्त लोगों को नशामुक्त कर उनके पुनर्वास के लिए काम करेंगे।
जिला अस्पताल में पीएसडब्ल्यू होने के बाद मनोरोगियों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। बहुगुणा का कहना है कि 60 प्रतिशत लोग किसी न किसी तरह के मनोविकार से ग्रस्त होते हैं, लेकिन शुरुआती काउंसलिंग के बाद इनमें से ज्यादातर को ठीक किया जा सकता है।