चंपावत आईटीआई का निर्माणाधीन भवन।
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जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर ताराचौड़ में बन रहे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस समय भवन की फिनिशिंग चल रही है। फरवरी में आईटीआई को नए भवन में शिफ्ट करा लिया जाएगा।
1984 में स्थापित चंपावत आईटीआई अभी तक किराये के भवन में चल रहा है। अब एक माह के भीतर ये संस्थान अपने भवन में शिफ्ट हो जाएगा। चंपावत में बनने वाले आईटीआई कॉलेज के दो मंजिले भवन के लिए 2014-15 में 177.22 लाख रुपये स्वीकृत हुए। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने जून 2015 से भवन का निर्माण कार्य शुरू किया।
काम दो साल में पूरा होना था लेकिन नियमित रूप से बजट नहीं मिलने से काम कई बार रुका। भवन निर्माण के लिए अब तक कार्यदायी संस्था को 170.81 लाख की धनराशि मिली चुकी है। कार्यदायी संस्था को शेष धनराशि भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मिलेगी।
जगह न होने के कारण चल रहा एकमात्र ट्रेड
चंपावत आईटीआई में तीन ट्रेड स्वीकृत हैं लेकिन जगह की कमी से इनमें से सिर्फ एक ही ट्रेड चल पा रहा है। प्राचार्य का कहना है कि एकमात्र वायरमैन ट्रेड ही चल पा रहा है। अपना भवन बनने के बाद नए ट्रेडों को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
आईटीआई भवन का 95 प्रतिशत से अधिक काम किया जा चुका है। अगले कुछ सप्ताह में शेष कार्य भी पूरा हो जाएगा। फरवरी में भवन को आईटीआई कॉलेज प्रशासन को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
संजय चौधरी, परियोजना प्रबंधक, उत्तर प्रदेश निर्माण निगम, चंपावत।