लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगा 400 की आबादी वाला बगौटी गांव जिले का पहला डिजिटल गांव बन गया है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय की डिजिटल ग्राम योजना के तहत लोहाघाट विकासखंड से 32 किमी दूर स्थित बगौटी को चंपावत जिले का पहला डिजिटल गांव घोषित किया गया है। इसके तहत लोगों को बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में ऑनलाइन सुविधा मिल सकेगी। सीएससी के प्रांतीय पदाधिकारियों के अनुमोदन के बाद भारत नेट की सुविधा वाले इस गांव का चयन किया गया।
ग्राम प्रधान सुभाष कुमार की अध्यक्षता और हरीश पांडेय के संचालन में हुए कार्यक्रम में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के जिला प्रबंधक जसवंत सिंह ने ग्रामीणों को वित्तीय समावेश जागरूकता कार्यक्रम की जानकारी दी। डिजिटल गांव के क्रियान्वयन का काम गांव में स्थापित सीएससी सेंटर की ओर से किया जा रहा है।
इसमें सीएससी के जरिए गांव में आठ सोलर लाइटें लग चुकी हैं। इसके अंतर्गत टैलीपैथी, टैली मेडिसन, ऑनलाइन आवेदन सहित कई सुविधाएं दी जाएंगी।
ग्रामीण स्तर उद्यमी (विलेज लेवल इंटरप्रीनियर) धर्म सिंह पुजारी ने ग्रामीणों को डिजिटल गांव, डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी। इस मौके पर ग्राम प्रधान भुवन चंद्र भट्ट, जगदीश पांडेय, मनोहर पांडेय, शीश राम, मनोहर राम, मंजू देवी, पूर्णानंद पांडेय, डिकर सिंह, लक्ष्मण सिंह आदि मौजूद रहे।
तीन डिजिटल गांवों के लिए एचडीएफसी बैंक करेगा फंडिंग
चंपावत जिले में पहला डिजिटल गांव बनने के बाद लोहाघाट के अलावा अन्य विकासखंडों में भी जल्द ही एक-एक डिजिटल गांव बनाया जाएगा। सीएससी के प्रभारी जसवंत सिंह का कहना है कि अभी चंपावत, पाटी और बाराकोट विकासखंड के गांवों का नाम जल्द ही चयनित कर लिया जाएगा। इन तीन डिजिटल गांवों के लिए एचडीएफसी बैंक फंडिंग करेगा।
डिजिटल गांव में मिलेगी ये सुविधाएं:
भीम एप, ई-वॉलेट सहित तमाम तरह के ट्रांजेक्शन।
ई-बुक, ऑनलाइन टैली मेडिसिन, टैलीपैथी की सुविधा।
दस दिन के निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण के जरिए 14 से 60 साल तक के लोगों को डिजिटल साक्षर करना।