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तीन माह बीतने के बाद भी पाटी बाजार में नहीं लग सकी टाइल्स

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पाटी बाजार में इंटर लॉकिंग टाइल लगाने का कार्य अधूरा छोड़े जाने के बाद सड़क में हुए कीचड़ में रपट? - फोटो : LOHAGHAT
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पाटी (चंपावत)। पाटी बाजार में चल रहा इंटरलॉकिंग टाइल लगाने का कार्य तीन माह बाद भी पूरा नहीं हो सका है। करीब एक माह से काम बंद होने और थोड़ी सी बारिश से मार्ग पर कीचड़ होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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शुक्रवार को कीचड़ युक्त सड़क से स्कूल जाते वक्त कई बच्चे फिसल गए। स्कूल ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें स्कूल जाने के बजाय घर लौटना पड़ा। इसी दौरान एक दोपहिया वाहन चालक भी कीचड़ में रपट कर चोटिल हो गया। लोगों ने ठेकेदार और लोनिवि पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगा कार्य पूरा न होने पर गहरी नाराजगी जताई। लोगों ने विभाग से जल्द कार्य पूरा करवाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि करीब तीन माह पूर्व लोनिवि की ओर से पाटी बाजार में इंटरलॉकिंग टाइल लगाने का कार्य शुरू किया गया था, तीन माह बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि करीब एक महीने से टाइल लगाने का कार्य ठप है।
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सड़क खोदने के बाद उसमें रोड़ी, मिट्टी से भरी गई थी, जिसमें थोड़ी सी बारिश होने पर सड़क कीचड़ से भर जाती है। लोनिवि के ईओ भुवन भंडारी ने बताया कि पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है। इसलिए संबंधित ठेकेदार को जल्द कार्य पूरा करने के लिये निर्देशित किया गया है। एक-दो दिन में कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
डेढ़ माह बाद भी नहीं सुधारा पैदल पुल
चंपावत। अक्तूबर की आपदा अभी भी कई गांवों के लिए सिरदर्द बनी है। चंपावत ब्लॉक के बेलखेत के एक क्षतिग्रस्त पैदल पुल के ठीक न होने से परेशानी बढ़ी है। पुल की मरम्मत न होने का असर न केवल सात गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है, बल्कि छोटे बच्चों सहित ग्रामीणों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
17 अक्तूबर से तीन दिन तक की मूसलाधार बारिश में यहां से 35 किमी दूर बेलखेत में क्वैराला नदी पर तीन दशक पुराने पैदल पुल का एक हिस्सा टूट गया था। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश सिंह ने बताया कि विभाग के न सुधारने पर गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से इस पुल को काम चलाने लायक बनाया था। इस पर आवाजाही तो हो रही थी, लेकिन पुल में खतरा है। खासकर स्कूली बच्चों के लिए मुश्किल बढ़ी है।
ग्राम प्रधान बालम सिंह ने बताया कि लोनिवि के अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण तो कर चुके हैं, लेकिन अभी पुल की मरम्मत की शुरुआत नहीं हो सकी है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से बेलखेत, नौलापानी, दुधौरी, बिलासपुर, भिजर, खटोली, विलौना आदि गांव के लोग प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने पुल की मरम्मत जल्द करवाने की मांग की है।
पैदल पुल की मरम्मत के लिए प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है। इसमें पुल की मरम्मत के लिए 19 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर काम शुरू किया जाएगा।
-एपीएस बिष्ट, ईई, लोनिवि, टनकपुर।

आपदा में बेलखेत पैदल पुल टूटने के बावजूद कामचलाऊ रूप से इस तरह खतरे के बीच हो रही आवाजाही। फोटो: सं- फोटो : CHAMPAWAT

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