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बदहाल अस्पताल, बीमार सेहत, बेहाल मरीज: मरीजों के लिए किसी काम की नहीं लाखों की एक्सरे मशीन

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टनकपुर अस्पताल की एक्सरे मशीन। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। चोट लगने पर अस्पताल पहुंची शिवानी को इलाज नहीं मिल सका। वजह हड्डी में लगी चोट के परीक्षण के लिए अस्पताल में एक्सरे न हो पाना था। थक हार कर उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ा। बीमार सेहत की ये बानगी जिले के मैदानी क्षेत्र के सबसे बड़ा टनकपुर उप जिला अस्पताल की है। कई लाख रुपये की एक्सरे मशीन वाले कक्ष में जनवरी 2019 के बाद से ताला लटका है। एक्सरे न होने से सबसे ज्यादा मार बीपीएल और आयुष्मान योजना वाले मरीजों को पड़ रही है। ऐसे में लोगों को सामान्य वक्त में ही नहीं, आपात काल में भी निजी क्लीनिकों की दौड़ लगानी पड़ रही है। 25 माह में ही निजी अस्पतालों से एक्सरे कराने को मजबूर होने से मरीजों की जेब से 16 लाख रुपये निकल चुके हैं।
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टनकपुर उप जिला अस्पताल की तस्वीर माथे पर बल देने वाली है। जून 2015 से 10 दिसंबर 2020 तक अल्ट्रासाउंड परीक्षण बंद थे। 11 दिसंबर से लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट को सप्ताह में दो दिन टनकपुर संबद्ध करने से परेशानी जरूर कुछ कम हुई। लेकिन फरवरी 2019 से टनकपुर में एक्सरे जैसी मामूली सुविधा नहीं मिल पा रही है। तकनीशियन के न होने से ये नौबत आई है। एक्सरे की जरूरत हड्डी संबंधी रोग, निमोनिया, क्षय रोग आदि में सबसे ज्यादा होती है। आंकड़ों के मुताबिक हर माह औसतन 165 लोगों को एक्सरे परीक्षण की जरूरत पड़ती है।
निजी अस्पतालों में एक एक्सरे पर चार सौ से पांच सौ रुपये खर्च होता है। ऐसे में 25 माह में ही 16 लाख रुपये की चपत लोगों को लग चुकी है। एसीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी का कहना है कि एक्सरे तकनीशियन न होने से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। तकनीशियन और रेडियोलॉजिस्ट के खाली पदों को भरने के लिए कई बार पत्र भेजा जा चुका है। वैसे टनकपुर अस्पताल में 14 डॉक्टरों के सृजित पदों में से विशेषज्ञों के अधिकांश पद (गायनाकोलॉजिस्ट, फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, नेत्र सर्जन, चर्म रोग विशेषज्ञ) भी नहीं भरे जा सके हैं।
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पाटी की एक्सरे मशीन नहीं भेजी वापस
चंपावत। एक्सरे की सुविधा वाले चंपावत जिले के चार अस्पतालों में से दो में ही एक्सरे परीक्षण हो रहे हैं। जिला अस्पताल के अलावा लोहाघाट में ये सुविधा है। टनकपुर में 25 माह से एक्सरे नहीं हो रहे हैं। वहीं पाटी अस्पताल से अगस्त 2019 में एक्सरे मशीन को लोहाघाट ले जाया गया, लेकिन लोहाघाट में डिजिटल मशीन आने के बावजूद पाटी की मशीन वापस नहीं भेजी गई। (ब्यूरो )
कोट
टनकपुर अस्पताल में एक्सरे की सुविधा लंबे समय से नहीं मिल पा रही है। एक्सरे शुरू करवाने के साथ ही अस्पताल के लिए जरूरी संसाधन मुहैय्या कराने का पत्र निदेशालय भेजा गया है। इसमें डिजिटल एक्सरे मशीन, नई अल्ट्रासाउंड मशीन और ऑटो एनेलाइजर मशीन की मांग के साथ खाली पदों को भरने का आग्रह किया गया है।
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डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।
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