चंपावत। जिले के चार प्राथमिक विद्यालयों को आदर्श पुस्तकालय पुरस्कार दिया गया है। इनमें राप्रावि मौनपोखरी, रौशाल, पल्सों और राप्रावि गागर शामिल हैं। पुस्तकालयों के जरिए बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित हो रही है। कुमाऊं के 24 सहित राज्य के 52 विद्यालयों को यह पुरस्कार वितरित किया गया है। इन विद्यालयों में सभी शिक्षक मेहनत से बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं।
डीजी शिक्षा झरना कमठान ने इस दौरान इन सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को पुरस्कृत करते हुए पुस्तकालयों के संचालन और रखरखाव को लेकर खुशी जाहिर की है। चंपावत जिले के अलावा कुमाऊं के अल्मोड़ा, पिथोरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और उधम सिंह नगर के राप्रावि और राआप्रावि के 24 विद्यालय शामिल हैं। प्राथमिक विद्यालय गागरी के प्रधानाध्यापक खड़क सिंह बोरा ने बताया कि विद्यालय में पांच हजार पुस्तके हैं।
कुमाऊं के यह विद्यालय हैं शामिल
चंपावत। चंपावत जिले के प्रावि मौनपोखरी, पल्सों, रौशाल, गागर, अल्मोड़ा के राआप्रावि चिलियानौला, स्यालीधार, प्रावि ताड़ीखेत, नवीन रियूनी हैं। पिथौरागढ़ के प्रावि चिटगल, ऊंचाकोट, बांसबगड़ राआप्रावि मदकोट और बागेश्वर के सुआप्रावि बागेश्वर प्रथम, पिंगलो, कपकोट श्यामा पन्यली और नैनीताल के प्रावि गिनती गांव, तल्ला रामगढ़, देवलचौड़, मटियाल हैं। जबकि यूएसनगर के प्रावि पत्थरचट्टा, हल्दी पचपेड़ा, गदरपुर प्रथम और चैती फार्म को आदर्श पुस्तकालय का पुरस्कार दिया गया है।
कोट
जिले के चार प्राथमिक विद्यालयों को डीजी शिक्षा की ओर से आदर्श पुस्तकालय का पुरस्कार दिया गया है। इन सभी विद्यालयों में आदर्श पुस्तकालय की स्थापना, पुस्तकों का उचित रखरखाव और पुस्तकालय का बेहतरीन संचालन किया जा रहा है। - मेहरबान सिंह बिष्ट सीईओ चंपावत।