चंपावत। ढकना बडोला गांव में तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत के बाद वन विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। मंगलवार को वन विभाग की ओर से डुगडुगी पिटा कर गांव में नरभक्षी तेंदुए से बचाव के लिए मुनादी जारी की गई है।
वन कर्मियों की ओर से आसपास के इलाकों में रात-दिन की गश्त शुरू कर दी गई है। रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी के नेतृत्व में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जंगल में चार महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही छह जगहों पर तेंदुए के पदचिह्न मापने के लिए पैड लगाए गए।
रेंजर ने बताया कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी अनुभाग अधिकारियों और बीट अधिकारियों के साथ ही अन्य कर्मचारियों को ढकना बडोला क्षेत्र के ग्रामीणों का भय दूर करने के लिए नियमित गश्त करने के लिए रोस्टर के अनुसार तैनात किया गया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए विभाग की ओर से पिंजरा गांव में पहुंचा दिया गया है। तेंदुए की गतिविधि पकड़ में आते ही उस स्थान पर पिंजरा लगाया जाएगा।
जंगल में सीसीटीवी कैमरा लगाने वालों में चतुर सिंह महर, पीयूष, कर्म सिंह, दिनेश चंद्र, शेखर और उमेश भट्ट आदि वनकर्मी शामिल रहे। डीएफओ रमेश चंद्र कांडपाल ने बताया कि पीड़ित के परिजनों को 50 हजार रुपये की अहैतुक राशि दे दी गई है। साथ ही नियमानुसार बकाया साढ़े तीन लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
गमगीन माहौल में हुई मृतका की अंत्येष्टि
चंपावत। ढकना बडोला क्षेत्र से लगे एकहथिया नौले के जंगल में सोमवार को चारापत्ती लाने के दौरान तेंदुए का शिकार बनी मीना देवी (35) पत्नी रमेश सिंह नरियाल की मंगलवार को गमगीन माहौल में ताड़केश्वर घाट में अंत्येष्टि की गई। मृतका के ससुर शिवराज सिंह ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में पूर्व जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत, विनोद चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही।
जंगल जाने से कतरा रहीं महिलाएं
चंपावत। तेंदुए की ओर से दिनदहाड़े हमले की घटना को अंजाम दिए जाने से ढकना बडोला गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। तेंदुए की दहशत के कारण आसपास के गांवों की महिलाएं जलौनी लकड़ी और चारापत्ती लाने के लिए जंगल जाने से कतरा रही हैं। ग्रामीणों के मवेशी भी दहशत के कारण दूसरे दिन भी गौशालाओं में बंधे रहे। डीएफओ आरसी कांडपाल ने मंगलवार देर सायं वन कर्मियों के साथ पीड़ित के परिजनों को सांत्वना दी।
तेंदुए को जल्द पकड़ा नहीं गया तो ग्रामीण करेंगे आंदोलन
चंपावत। ढकना बडोला के ग्रामीणों ने आदमखोर हो चुके तेंदुए का जल्द नहीं पकड़े जाने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ढकना बडोला वन पंचायत के सरपंच ईश्वरी देवी, पूर्व सरपंच विक्रम सिंह, विनोद चौधरी आदि ने वन विभाग से कहा कि दो दिन के भीतर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाए जाने और तेंदुए को नरभक्षी घोषित न किए जाने पर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।