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Champawat News: ग्राम पंचायत कोयाटी के लोगों से पूछिये पानी की कीमत

Tue, 14 May 2024 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत जिले के कोयाटी में पेयजल स्रोत की सफाई करते लोग।
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लोहाघाट/चंपावत। विकासखंड लोहाघाट के ग्राम पंचायत कोयाटी के लोगों को गर्मी के मौसम में पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई किमी दूर जाकर लोग पानी का इंतजाम कर रहे हैं। ग्रामीणों का अधिकतर समय पानी लाने और खोजने में बीत रहा है।
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जिला मुख्यालय से 19 किमी दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत कोयाटी के लोग सालभर पानी समस्या से परेशान रहते हैं। पानी की हर घर में इतनी किल्लत है कि गांव के लोग प्राकृतिक स्रोतों की खोज में भी जुटे रहते हैं और जहां प्राकृतिक स्रोत दिखाई दे रहा है, ग्रामीण वहां की सफाई भी करने के लिए जुट रहे हैं। वहीं जो स्रोत हैं वहां पानी के लिए लंबी कतार लग रही है।
स्थिति यह है कि पानी की एक-एक बूंद के लिए लोग परेशान हैं। वहीं पेयजल योजना में एक बूंद पानी नहीं टपका है। गांव के बुजुर्ग, बूढ़, बच्चे कोई ऐसा नहीं जो पानी के लिए संघर्ष नहीं कर रहा है। वर्षों पूर्व जल संस्थान की ओर से पाबै कोयाटी पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के बाद पेयजल स्रोत सूख चुका है जिससे गांव में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है।
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कोट

हर घर नल हर घर जल योजना के तहत दो बार बोरिंग की जा चुकी है लेकिन दोनों बार पानी नहीं निकला। हर रोज क्षेत्र में एक पेयजल टैंकर की जरूरत है। गांव के लोग तेज धूप में घंटों इंतजार के बाद पांच से 10 लीटर पानी ला रहे हैं। लोग बूंद-बूंद कर घर भर रहे हैं। - सुरेंद्र सिंह बोहरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य कोयाटी।
कोट
पेयजल स्रोत सूखने से परेशानी बढ़ती जा रही है। गांव के लोग पानी बहुत साेच-समझकर उपयोग कर रहे हैं। पानी मिलना आसान नहीं हो रहा है। पेयजल के लिए पुराने नौले-धारों को पुनर्जीवित करना पड़ रहा है। नौलों पर घंटों के बाद नंबर आ रहा है। - माहेश्वरी देवी, कोयाटी, स्थानीय।

अनुसूचित वर्ग के 10 परिवारों की पेयजल कनेक्शन देने की मांग

पिथौरागढ़। नगर से लगे पुनेड़ी गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के 10 परिवारों ने डीएम रीना जोशी को ज्ञापन सौंपकर जल जीवन मिशन योजना में पेयजल कनेक्शन देने की मांग की। मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंची महिलाओं ने कहा कि गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत योजना बनाई गई है लेकिन अनुसूचित जाति वर्ग के 10 परिवारों को पेयजल कनेक्शन नहीं दिए गए है। इस कारण उन्हें पेयजल का इंतजाम करने में दिक्कत हो रही है। वे लंबे समय से पेयजल कनेक्शन देने की मांग कर रही हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। डीएम ने उन्हें जल्द पेयजल कनेक्शन दिलाने का आश्वासन दिया। वहां गीता देवी, माधवी देवी, जयंती देवी सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं। संवाद
चंपावत/पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के कई विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी पहुंचने का इंतजार है। यहां पर स्टाफ से लेकर बच्चे तक घरों से पानी लेकर पहुंचने की मजबूरी बनी हुई है। चंपावत जिले की बात करें तो यहां 14 सरकारी विद्यालयों और 17 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल जीवन मिशन के तहत पेयजल संयोजन का इंतजार है। पिथौरागढ़ जिले में भी कई विद्यालयों में पेयजल की दिक्कत बनी हुई है।

चंपावत जिले में 2020-21 से जल जीवन मिशन के तहत काम शुरू किया गया था। मिशन के तहत जिले के 681 आंगनबाड़ी केंद्रों और 802 विद्यालयों पेयजल कनेक्शन लगाने का लक्ष्य था। जल संस्थान ने पहले चरण में 609 आंगनबाड़ी केंद्रों और 788 विद्यालयों में पेयजल कनेक्शन लगाने का काम किया। इसके बाद दूसरे चरण में इनमें पेयजल आपूर्ति सुचारु की गई। वर्तमान में 14 स्कूलों और 17 आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल संयोजन जोड़ने का काम किया जा रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बेलाल युनूस ने बताया कि एक सप्ताह में शेष आंगनबाड़ी और विद्यालयों में पेयजल संयोजन कर दिया जाएगा। इसके बाद पेयजल आपूर्ति सुचारु करने का काम किया जाएगा।



पिथौरागढ़ में जल जीवन मिशन से 40 विद्यालयों को जोड़ा जाना बाकी

पिथौरागढ़। सीमांत पिथौरागढ़ जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत विद्यालयों में पेयजल संयोजन लगाए जा रहे हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले में 237 विद्यालय जोड़े जाने थे। 197 विद्यालयों को जोड़ दिया गया है। अब सिर्फ 40 विद्यालयों को और जोड़ा जाना है। विद्यालयों में ग्राम पंचायत से पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल बसेड़ा ने बताया कि जिले में 1111 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जो पूर्व में पेयजल योजना से जुड़े हुए हैं। कुछ ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जहां पर पुरानी योजनाएं जर्जर हो चुकी हैं उनको योजना से जोड़ने का कार्य चल रहा है।



केस-1

कालाकोट के बच्चे और स्टाफ घर से लाते हैं पानी



चंपावत के पाटी ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय कालाकोट और कालाकोट आंगनबाड़ी केंद्र में पानी के लिए बच्चों के लिए पानी नहीं है। विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत बच्चे और स्टाफ पीने का पानी घरों से लाता है। पेजयल आपूर्ति की व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों और स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



केस-2

जीआईसी चहज में पेयजल की समस्या लंबे समय से गंभीर बनी हुई है। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं और शिक्षक घर से लेकर आते हैं। भोजन माता भी किसी तरह मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए पेयजल का प्रबंध करती है। पानी नहीं होने से 120 छात्र-छात्राएं और शिक्षक परेशान है।गंगोलीहाट के जीआईसी चौरपाल में पेयजल संकट से 150 विद्यार्थी परेशान हैं।



केस-3

मूनाकोट ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल नैनीपातल, प्राथमिक विद्यालय में पेयजल की समस्या है। जिस कारण विद्यालय में पढ़ने वाले 40 से अधिक छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। भोजन माता गांव से किसी तरह पेयजल का प्रबंध कर मध्यान्ह भोजन बनाती हैं।
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