होली के अगले दिन से शुरू हो रहे उत्तर भारत के सुविख्यात पूर्णागिरि मेले की व्यवस्थाओं को लेकर हुई मां श्री पूर्णागिरि मंदिर समिति की बैठक में समिति के स्तर से की जाने वाली व्यवस्थाओं का सर्वसम्मति से निर्धारण किया है। मुख्य मंदिर परिसर की सफाई एवं श्रद्धालुओं को दर्शन कराने में मदद के लिए समिति 16 स्वयंसेवकों को तैनात करेगी। आरती एवं सफाई के सुबह-शाम सात से आठ बजे तक श्रद्धालुओं को काली मंदिर में रोका जाएगा।
पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरू एवं सीओ आरएस रौतेला की मौजूदगी में हुई समिति की बैठक में एसपी ने समिति को मुख्य मंदिर क्षेत्र में महिला स्वयंसेवक भी तैनात करने की सलाह दी। समिति ने एसपी के सुझाव पर अमल करने की बात कही है। इसके तहत दुकान से 15 मीटर तक की सफाई की जिम्मेदारी दुकानदारों को देने को कहा गया है। समिति ने धाम क्षेत्र में पॉलिथीन, मांस एवं मदिरा को पूर्णरूप से प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। ऐसा करते पाए जाने पर समिति संबंधित यात्री या दुकानदार पर जुर्माना लगाएगी।
काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक पहाड़ी की ओर सफाई की जिम्मेदारी समिति सुनिश्चित करेगी और पैदल मार्ग की पहाड़ी पर पेंटिंग भी कराने का निर्णय लिया गया है। समूचे मेला क्षेत्र में पेयजल की समान आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
श्रद्धालुओं की किसी भी तरह की परेशानी दूर करने एवं मेलेे की व्यवस्थाओं पर नजर रखने को काली मंदिर स्थित समिति कार्यालय में समिति कर्मचारी तैनात करेगी। बैठक में एई लोनिवि एपीएस बिष्ट, जिला पंचायत के प्रशासनिक अधिकारी विजय उप्रेती, मंदिर समिति के सचिव गिरीश चंद्र पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय के अलावा पूरन तिवारी, पूर्व प्रधान मथुरा दत्त पांडेय, उप प्रधान मोहन चंद्र पांडेय, समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी आदि मौजूद थे।
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