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अवकाश पर घर आ रहे सेना के जवान की ट्रेन हादसे में मौत

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गौतम बहादुर, ट्रेन हादशे में मृतक जवान - फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। ड्यूटी से अवकाश पर घर आ रहे गोरखानगर के एक फौजी की ट्रेन हादसे में मौत हो गई है। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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गोरखानगर निवासी गौतम बहादुर (33) पुत्र स्वर्गीय मनोज बहादुर तीन कुमाऊं रेजीमेंट कोटा राजस्थान में तैनात था। वह बुधवार को एक महीने के अवकाश पर घर आने के लिए ट्रेन में चढ़ा था। मृतक के चाचा लाखन बहादुर ने बताया कि कोटा सेना मुख्यालय से उनके भतीजे गौतम की ट्रेन हादसे में मौत होने की सूचना दी गई है। लाखन ने बताया कि गौतम दो माह पूर्व अवकाश काटकर ड्यूटी पर लौटा था। लाखन ने बताया कि सेना की ओर से बताया गया कि गौतम ने देहरादून के लिए ट्रेन में आरक्षण कराया था। रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनें लगी हुई थी जिसमें से एक में गौतम बैठ गया। जैसे ही ट्रेन चलने लगी तो गौतम को गलत ट्रेन में बैठने का पता चला। गौतम जल्दबाजी में ट्रेन से प्लेट फार्म पर उतर रहा था कि उसके बैग का कुंडा ट्रेन के दरवाजे में फंस गया जिससे प्लेटफार्म के किनारे पर उसका सिर लड़ गया। पैर ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच में आने के कारण घसीटते हुए चला गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गौतम की मौत की सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मचा हुआ है। चाचा लाखन ने बताया कि बुधवार रात करीब सवा नौ बजे गौतम की यूनिट के अधिकारी ने ट्रेन हादसे में गौतम की मौत होने की सूचना दी। लाखन ने बताया कि सेना के जवान गौतम का शव लेकर कोटा से रवाना हो चुके हैं, जिनके शुक्रवार दोपहर तक लोहाघाट पहुंचने की उम्मीद है।
दुनिया में आने से पहले ही सिर से उठ गया पिता का साया
लोहाघाट (चंपावत)। गौतम की पत्नी रामू देवी गर्भवती है। एक सप्ताह के भीतर उसका दूसरा प्रसव होना है। दुनिया में आने से पहले ही बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया है। उनका चार वर्ष का एक बेटा काव्य है।
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पति के आने की सूचना के बाद से रामू तैयारियों में लग गई थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे गौतम को देहरादून से लोहाघाट अपने घर पहुंचना था। रामू ने पति के लिए खाना तैयार किया हुआ था, जबकि देवर रॉबिन से मीट मंगवा रही थी। रामू को पति की मृत्यु की कोई सूचना नहीं दी गई थी। जबकि रॉबिन को घटना की जानकारी थी और वह रात में मीट बनाने की बात कहकर वहां से चला गया। रामू देर रात और सुबह तक गौतम को फोन मिलाती रही, मगर फोन नहीं उठा। रामू ने अपने परिजनों को फोन न उठाने की बात कहकर उनसे फोन करने को कहा, लेकिन परिजनों का भी फोन नहीं उठा। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे रामू को गौतम की मौत की सूचना दी गई जिसके बाद से वह अपना होशोहवास खोए हुए है।
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