चंपावत। मानदेय में वृद्धि करने समेत तीन सूत्री मांगों के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का धरना-प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने जिला मुख्यालय के अधिसूचित धरना स्थल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जब तक उनके मानदेय में वृद्धि सहित सभी मांगों को पूरा नहीं करती है आंदोलन जारी रहेगा।
चंपावत ब्लॉक की संगठन अध्यक्ष दीपा पांडेय ने कहा कि वे लोग मांगों के समर्थन में बीती चार अप्रैल से धरना दे रहे हैं लेकिन सरकार उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं आंदोलन जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने पर दस लाख देने का शासनादेश जारी किया जाए, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक मशीन से नहीं जोड़ा जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ती सेविका मिनी कर्मचारी संगठन के प्रदेश सदस्य विमला पनेरू ने कहा कि उनसे कम मानदेय में कई प्रकार की ड्यूटी कराई जाती है। सरकार उनकी मांगें तो नहीं मान रही बल्कि विभाग की ओा से उन्हें हटाने की धमकी दी जा रही है। उन्होने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में बबीता फुलारा, मीना बोहरा,माना जोशी, दीपा देवी, माया देवी, लक्ष्मी जोशी आदि मौजूद रहीं।
मानदेय आदि की मांगों के लिए गरजी आंगनबाड़ी वर्कर्स
लोहाघाट (चंपावत)। मानदेय वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ती सेविका मिनी कर्मचारी संगठन का कार्य बहिष्कार छठे दिन भी जारी रहा। इस दौरान बिना इजाजत के तहसील परिसर में धरना दे रहीं आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्रशासन ने तहसील परिसर से उठा दिया। इसके बाद उन्होंने रामलीला मैदान में आकर धरना दिया। उनके आंदोलन को समर्थन देने यूकेडी जिलाध्यक्ष दीपेश शर्मा, यूके जिला प्रभारी प्रहलाद सिंह मेहता, विपिन शर्मा, राजेंद्र पुनेठा, गजेंद्र बोहरा, मनीष पंत पहुंचे। उन्होंने सरकार से मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। वहां संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा, कविता पंत, मीना चौबे, विमला पाटनी, मीरा सामंत, निशा आर्या, निशा आर्या, मीना मुरारी, माया फर्त्याल, प्रभा जोशी, सीता लुंठी आदि मौजूद रहीं।