नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस जानवर लोगों के लिए आफत बने हैं। नगर में लावारिस जानवरों से जाम की स्थिति पैदा हो रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
लावारिस जानवर लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। नगर क्षेत्र में तमाम जानवर घूमते रहते हैं। ये जानवर सब्जी की दुकानों और फलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा यातायात को भी बाधित कर रहे हैं। रायनगर चौड़ी, डैंसली, पाटन पाटनी, राइकोट, बनगांव, खूना बोरा गांव सब्जियों की पैदावार के लिए जाने जाते हैं, लेकिन यहां ये जानवर किसानों के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। रायनगर चौड़ी की प्रधान विमला देवी, बीडीसी भैरव राय, किसान हरीश कापड़ी, महेश राय, गीता देवी, दीपा देवी, नीमा, दीपा का कहना है कि बेहद मेहनत से पैदा की गई सब्जी और फसलों पर आवारा जानवर कहर बन कर टूट रहे हैं।
जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन किसानों ने लावारिस जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। एसडीएम आरसी गौतम का कहना है कि लावारिस जानवरों को छोड़े जाने की जानकारी मिली है। मवेशी छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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पालिका लावारिस जानवरों को कई बार गोशाला भेज चुकी है। लेकिन लगातार मवेशी छोड़े जाने से समस्या जस की तस बनी हुई है। इन लावारिस जानवरों फिर गोशाला भेजा जाएगा। -लता वर्मा, अध्यक्ष, नगर पंचायत, लोहाघाट।
जिला मुख्यालय में भी है लावारिस जानवरों का आतंक
चंपावत। जिला मुख्यालय में भी लोग लावारिस जानवरों से परेशान हैं। खड़ी फसल के अलावा ये जानवर सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। काश्तकार वजीर सिंह, देब सिंह, मोहन पांडेय, त्रिलोक सिंह का कहना है कि लावारिस जानवर लगातार उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। नगर पालिका से बार-बार अनुरोध करने के बाद भी उनकी समस्याओं पर गौर नहीं किया जा रहा है। जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन किसानों ने लावारिस जानवरों से निजात दिलाने की मांग की है। उधर अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि पालिका ने इससे पूर्व भी कई बार लावारिस जानवरों को गोशाला में भेजा है। बावजूद इसके लोग बार-बार जानवरों को छोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि जानवरों को छोड़ने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।