दो दिवसीय निजी दौरे पर यहां आए नैनीताल हाइकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा ने परिवार के साथ शारदा नदी में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठाया। भारत-नेपाल सीमा के विहंगम दृश्य से वह काफी अभिभूत हुए। न्यायाधीश शर्मा टनकपुर से 12 किमी. दूर नेपाल के पर्यटन स्थल झिलमिल ताल भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल के इस सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ऋषिकेश की तर्ज पर यहां भी रिवर राफ्टिंग विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।
अपने परिजनों के साथ न्यायाधीश शर्मा शनिवार को मां पूर्णागिरि के चरण मंदिर के पास स्थित लाइफ इन एडवेंचर संस्था के राफ्टिंग कैंप पहुंचे। उन्होंने चरण मंदिर से बूम तक आठ किमी. राफ्टिंग का लुत्फ उठाया। इस दौरान उन्होंने नेपाल में स्थित पर्यटन स्थल झिलमिल ताल के बारे में सुना तो उन्होंने वहां जाने की योजना बनाई। रविवार की सुबह वे पत्नी के साथ झिलमिल ताल देखने पहुंच गए। झिलमिल ताल में उन्होंने पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ लोगों से झील की धार्मिक मान्यता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ब्रह्मदेव (नेपाल) स्थित मंदिर में बाबा सिद्धनाथ के भी दर्शन किए। इस मौके पर मीडिया से वार्ता करते हुए न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि भारत-नेपाल में सांस्कृतिक ही नहीं बल्कि धार्मिक समानताएं भी है। सीमा पर स्थित धार्मिक स्थल एक-दूसरे देश को धार्मिक मान्यताओं से जोड़े हुए हैं। नेपाल की झिलमिल ताल झील बहुत रमणीय स्थल है, लेकिन अभी काफी कम लोगों को इसके बारे में पता है। सुविधाओं का विस्तार कर झिलमिल ताल झील को पर्यटन से जोड़ा जा सकता है। इस दौरान उनके साथ सीओ आरएस रौतेला, एसओटीएफ इंचार्ज भाष्कर बडौला, समाजसेवी सुभाष थपलियाल आदि मौजूद थे।