चंपावत। टनकपुर, लोहाघाट और पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो में मानक पार कर चुकी बसों की समस्या को अमर उजाला अक्सर रोडवेज निगम को चेताता आया है। पिछले चार माह में करीब सड़कों दौड़ाने के मा बेड़ों में शामिल खटारा बसों की समस्या का प्रमुखता से उठाता रहा है। पिछले पांच माह में 10 बसें रास्ते में चलते-चलते धोखा दे गई थी। बस खराब होने से 300 से अधिक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। छह मार्च टनकपुर डिपो की बस चंपावत बस स्टेशन, आठ मार्च को पिथौरागढ़ डिपो की बस स्वाल के समीप, 10 मार्च को टनकपुर डिपो की बस मानेश्वर, 24 मार्च को पिथौरागढ़ डिपो की बस मानेश्वर, 26 मार्च को पिथौरागढ़ डिपो की बस स्वाला क्षेत्र, 23 मई को पिथौरागढ़ डिपो की बस खराब हुई थी जबकि दो जून को पिथौरागढ़ डिपो की दो, टनकपुर डिपो की एक बस खराब हो गई थी। जबकि लोहाघाट डिपो की बस का टायर पिथौरागढ़ जाते समय सिंगदा में फट गया था।
रोडवेज के टनकपुर मंडल को 45 नई बसों की दरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। रोडवेज परिवहन निगम के कुमाऊं का प्रमुख रोडवेज टनकपुर मंडल बसों की कमी से जूझ रहा है। बसों की कमी के चलते कई रूटों पर बसों का नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है। टनकपुर, पिथौरागढ़ और लोहाघाट डिपो को 45 नई बसों की जरूरत है।
रोडवेज टनकपुर मंडल के अनुसार बसों के बेडे़ से 30 पुरानी बसों को तीन माह पहले कम कर दिया था। वर्तमान में लोहाघाट डिपो के पास 31, पिथौरागढ़ डिपो 61 और टनकपुर डिपो के पास 83 निगम और 28 अनुबंधित बस का बेड़ा है। पिछले दिनों टनकपुर को चार, पिथौरागढ़ को छह और लोहाघाट डिपो को चार नई बसें मिली थीं, इसके बावजूद भी बसों की कमी बनी हुई है। बस न होने से टनकपुर से धारचूला, बेरीनाग, पिथौरागढ़, डीडीहाट, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ डिपो मुनस्यारी, बांसबगड़, नाचनी, लोहाघाट से देवीधुरा, कानपुर, चंडीगढ़ आदि के लिए संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि इन रूटों पर यात्री अधिक हैं। टनकपुर मंडल ने नई बसों की मांग भेजी है।