लोहाघाट बस स्टेशन से अतिक्रमण हटाने संबंधी आदेश के बाद जहां प्रशासन ने
चिन्हीकरण का कार्य पूरा कर लिया है, वहीं बस स्टेशन के तमाम व्यापारियों
ने अतिक्रमण चिन्हीकरण में मनमानी पर विरोध जताया है। इस संबंध में बुधवार को व्यापारियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। व्यापारियों का कहना था कि वह चालीस वर्षों से व्यापार कर आजीविका चला रहे हैं, लेकिन उन्हें एक झटके में बेरोजगार करने की साजिश रची जा रही है।
व्यापारी उमेश चंद्र जजुरिया, जाकिर हुसैन, नारायण राम, ललित मोहन गहतोड़ी, मनोज जोशी, एमसी खर्कवाल आदि का कहना था कि वह न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ चुनिंदा लोगों की दुकानों को हटाना न्यायसंगत नहीं है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या करते हुए सड़क के दोनों ओर के अतिक्रमणों को छोड़ते हुए बीच की दुकानों को हटाया जाना किसी भी सूरत में न्याय संगत नहीं है। यदि मानक के आधार पर अतिक्रमण के दायरे में आने वाले सभी कच्चे-पक्के निर्माण को एक तरफ से ध्वस्त किया जाता है, तो इस दायरे में आने वाले व्यापारी स्वयं अपनी दुकानें हटा लेंगे।