चंपावत। पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिह्नित पहाड़ियों के ट्रीटमेंट का कार्य शुरू हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से बारहमासी सड़क को हर मौसम में सुचारु रखने के लिए 2.70 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है।
कार्यदायी संस्था ने एनएच पर 56 संवेदनशील स्थानों पर सुधारीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। पूर्व में स्थानों का चयन कर पहाड़ी ट्रीटमेंट का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। केंद्र ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए 2.70 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। धनराशि मिलने के बाद एनएच ने सभी संवेदनशील पहाड़ियों का सर्वे करने के बाद ट्रीटमेंट कार्य शुरू कर दिया है।
पहाड़ियों के ट्रीटमेंट में पहाड़ियों की गुणवत्ता, भूभर्गीय जांच, पहाड़ियों के अंदर दबाव की क्षमता सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं। काम पूरा होने के बाद स्वाला, अमोड़ी, चल्थी और बाराकोट वाले स्थानों पर मानसून के दौरान पहाड़ी दरकने से भूस्खलन और मलबा आने से यातायात अब बाधित होने और दुर्घटना कम होने की संभावना रहेगी।
भूस्खलन से सड़क बंद होने का रहता है खतरा
चंपावत। पिथौरागढ़-टनकपुर के बीच कई बार भूस्खलन होने से यातायात बाधित होता रहता है। यातायात बाधित होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ियों के दरकने से दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। संवाद
कोट
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की ओर से चिह्नित संवेदनशील पहाड़ियों का ट्रीटमेंट कार्य शुरू हो गया है। निर्माण केंद्र सरकार की ओर से बजट जारी किया जा रहा है। टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच में 56 पहाड़ियों का ट्रीटमेंट किया जाना है। - एनसी टम्टा, ईई राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोहाघाट।
सात माह बाद आदिचौरा-हुनेरा सड़क का काम शुरू
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जून से बंद पड़ी आदिचौरा-हुनेरा सड़क को सात माह बाद खोलने का कार्य शुरू हो गया है। मार्च तक यह सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए शुरू हो जाएगी।
वर्ष 2023 में जून के पहले सप्ताह में हुई भारी बारिश से डीडीहाट-आदिचौरा हुनेरा सड़क बंद हो गई थी। नौ किमी लंबी सड़क भारी मलबा आने से कई जगह बह गई थी। सड़क पर एक करोड़ से अधिक का नुकसान होने से पीएमजीएसवाई बिना धन स्वीकृत हुए इस सड़क को नहीं खोल पा रहा था। दिसंबर में सरकार ने सड़क को खोलने के लिए धन स्वीकृत कर दिया। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता हरप्रीत कौर ने बताया कि सड़क को सही करने के लिए पोकलेन मशीन भेज दी गई है। संवाद
नेपाल सीमा को जोड़ने वाली सड़क बदहाल
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड लोहाघाट के नेपाल सीमा को जोड़ने वाली चमदेवल-जाख-निडिल मोटर मार्ग जुजरी धार पर बदहाल है। सड़क का डामरीकरण न होने से लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने लोनिवि से जल्द सड़क में डामरीकरण नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य मदन कलौनी ने बताया कि वर्ष 2004 में चमदेवल-जाख-निडिल मोटर मार्ग में जुजुरी तोक में लोनिवि की ओर से 500 मीटर सड़क का निर्माण किया गया। सड़क के 250 मीटर हिस्से में डामरीकरण किया गया और 250 मीटर हिस्से को छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि 11 साल पूर्व किया गया डामर उखड़ गया है। ग्राम प्रधान युगल किशोर धौनी ने कहा कि कई बार लोनिवि से सड़क में डामरीकरण करने की मांग की जा चुकी है लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। संवाद
कोट
सड़क पर जगह-जगह कई गड्ढे बने हुए हैं। गड्ढों के कारण आवाजाही करने में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - रूप सिंह, ग्रामीण।
कोट
एक ओर सरकार सड़क को गड्ढा मुक्त करने की बात करती है, दूसरी ओर सीमावर्ती क्षेत्र की इस बदहाल सड़क की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - हयात राम, ग्रामीण। कोट
चमदेवल-जाख-निडिल मोटर मार्ग पर 250 मीटर में वर्ष 2004 में डामरीकरण हुआ था। शेष में डामरीकरण नहीं हो पाया था। डामरीकरण वाले हिस्से को ठीक करने के लिए पुर्ननिर्माण का प्रस्ताव पूर्व में भेजा गया है। - बृजेंद्र ठाकुर, सहायक अभियंता, लोनिवि, लोहाघाट।