कालाकोट वन पंचायत में लगी आग को बुझाते अग्निशमन कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
यहां से करीब आठ किलोमीटर दूर कालाकोट वन पंचायत के जंगल में शनिवार को लगी आग को बुझाने में अग्निशमन दल और पुलिस को पूरे चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। आग को आवासीय क्षेत्र तक लाने से बचा लिया गया। आग की चपेट में आने से करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा जलकर नष्ट हो गई। राजस्व निरीक्षक (सदर) चंद्रप्रकाश ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों की हरकत से जंगल में आग लगी। इनकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
बाराकोट ब्लॉक के कालाकोट वन पंचायत में शनिवार रात करीब 7 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। जंगल की आग खेतों में लगाए गए घास के लुट्टों तक पहुंचने की स्थितियां बन गई। तत्काल मौके पर पहुंची अग्नि शमन के अधिकारी लक्ष्मण सिंह, भूपेंद्र सिंह, दरोगा देवेंद्र मेहता के नेतृत्व में तत्काल मौके पर पहुंची अग्निशमन की टीम ने बीटिंग पद्धति व पंपिंग कर करीब चार घंटे तक मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आसपास के 28 लुट्टों को आग के हवाले होने से बचा लिया। मुकेश, पूरन गिरि, गोविंद पनेरू, सुनील गोस्वामी, राजेंद्र प्रसाद आदि ने आग बुझाने में सहयोग किया।
वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि अनुभाग अधिकारी हरीश चंद्र गड़िया और वन बीट अधिकारी अजय विश्वकर्मा को नुकसान के जायजे के लिए मौके पर भेजा गया। बताया गया कि आग में मुख्य रूप से जंगल में घास और पेड़ पौधों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान हुआ।