डॉ. विष्णु प्रभाकर।
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तामली के चिकित्साधिकारी (संविदा) डॉ. विष्णु प्रभाकर की सेवा समाप्ति की संस्तुति की गई है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने मंगलवार को स्वास्थ्य महानिदेशक को इस आशय का पत्र भेजा है। पत्र में डॉ. प्रभाकर पर कार्यों में लापरवाही समेत कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है।
सीएमओ का कहना है कि कोविड काल में तामली के डॉक्टर कई बार कार्यक्षेत्र से गैर हाजिर रहे। काम में लापरवाही और अनुशासनहीनता का भी आरोप है। 20 सितंबर को उन्हें बकोड़ा में कोविड टीकाकरण का नोडल अधिकारी बनाया गया था, लेकिन यहां भी उन्होंने आदेशों की अनदेखी कर कार्य करने से इनकार कर दिया गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां आननफानन दूसरी व्यवस्था की गई।
सीएमओ डॉ. खंडूरी ने कहा कि संविदा बांडेड डॉ. विष्णु प्रभाकर की गतिविधियों को देखते हुए तत्काल सेवा समाप्त करने की संस्तुति की गई है। सेवा समाप्त न होने पर उन्हें जिले से अन्यत्र स्थानांतरित करने की भी संस्तुति की गई है। फिलहाल तामली के अस्पताल की अतिरिक्त जिम्मेदारी मंच के डॉ. अंकुर बिष्ट को दी गई है। तामली अस्पताल में फार्मासिस्ट का पद भी खाली है।
कोविड काल में पूरी जिम्मेदारी से काम किया। बकोड़ा के लिए ड्यूटी का पत्र मुझे एक दिन पहले ही मिला था। तबियत खराब होने की वजह से मैने ड्यूटी करने में असमर्थता जताई थी। मैंने अल्ट्रासाउंड और इलाज का पर्चा भी दिखाया। मेरी परिस्थितियों पर विचार किए बिना ही मुझ पर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. विष्णु प्रभाकर, संविद डॉक्टर, तामली।