चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। जिले में 1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लोहाघाट के पास एबटमाउंट ईको फ्रेंडली टूरिज्म का बेहतरीन केंद्र है। आठ हेक्टेअर का यह पर्यटन स्थल जल्द ही निजी हाथों में जाएगा। पर्यटन विभाग इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर रहा है। एक ऑटोमोबाइल कंपनी से विभाग की बात चल रही है। फिलहाल पर्यटन विभाग इसका संचालन कर रहा है।
पर्यटन परियोजना के तहत एबटमाउंट में 495.70 लाख रुपये से आठ ईको हट, व्यू प्वाइंट और बहुउद्देश्यीय हॉल बनाए गए। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र की पर्यटन परियोजना से चारों तरफ हरियाली से घिरे एबटमाउंट से न केवल विहंगम नजारों का लुत्फ उठाया जाता है बल्कि सहज तरीके से हिम दर्शन भी हो सकेंगे। यहां से हिमालय की लंबी श्रृंखला साफ नजर आती है। ये हिम श्रृंखला सैलानियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है। संवाद
एबटमाउंट ईको हट सहित पूरे क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव है। इसके लिए उच्च स्तर से एक ऑटोमोबाइल कंपनी से वार्ता की जा रही है। कंपनी को किन शर्तों पर ये क्षेत्र दिया जाएगा इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। बातचीत शुरुआती दौर में है। - अरविंद गौड़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।
डेढ़ साल से हो रहा ईको हट का संचालन
चंपावत। एबटमाउंट में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन (ईको फ्रेंडली टूरिज्म) के तहत बने ईको हट सैलानियों को लुभा रहे हैं। लोहाघाट पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक हरीश पुनेठा बताते हैं कि अप्रैल 2022 से पर्यटकों के लिए खुले इनका उपयोग सैलानी कर रहे हैं। केएमवीएन की ओर से संचालित एक ईको हट में रहने के लिए पांच हजार रुपये का किराया है। संवाद
एबटमाउंट के ईकोहट। संवाद