जिला उद्योग केंद्र के सहायक महाप्रबंधक गोविंद बल्लभ जोशी ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सरकार ने जनपद चंपावत को ए श्रेणी में रखा है।
जिसके लिए सरकार नए उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने पर विभिन्न योजनाओं में छूट दे रही है। युवा महिला और पुरुषों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभाग हर ब्लॉक में औद्योगिक गोष्ठियों का आयोजन कर उन्हें जागरूक कर रहा है।
जोशी ने बताया कि सरकार पहाड़ से पलायन रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके लिए बेराजगार युवा महिलाओं और पुरुषों के लिए उत्तराखंड सूक्ष्म लघु तथा मध्यम उद्यम नीति 2015 के तहत सरकार ने सूबे में छह जिलों में से चंपावत को भी ए श्रेणी में रखा हुआ है, जिसमें उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को 40 फीसदी निवेश प्रोत्साहन सहायता, 10 फीसदी ब्याज उपादान अधिकतम आठ लाख रुपया प्रतिवर्ष दिया जाएगा और वैट में पांच साल सौ फीसदी छूट दी जा रही है।
इसके अलावा पांच वर्ष तक विद्युत बिलों में छूट, विशेष राज्य परिवहन उपादान तथा स्टांप शुल्क में शत प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यम के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिले में उद्योग सेवा व्यवसाय करने वाले लाभार्थियों को बैंक के माध्यम से सीएम स्वरोजगार योजना भी शुरू कर दी हैं।
उन्होंने बताया कि बाराकोट, खेतीखान, टनकपुर और लोहाघाट में जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बैंकर्स और खादी ग्राम उद्योग विभाग के प्रतिनिधि भी स्वरोजगार से जोड़ने की जानकारी दे रहे हैं।