चंपावत। शांतिकुज हरिद्वार की ओर से एबीसी आल्मामैटर विद्यालय में गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए हरिद्वार से आए बीआर शर्मा ने कहा कि मन ही हमारा मित्र है और मन ही शत्रु है। उन्होंने कहा कि संस्कारवान बच्चों से ही देश का भविष्य निर्माण होगा। सहनशीलता, मित्रता, उदारता, एकाग्रता, संस्कार, करुणा और दया मनुष्य की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने शांतिकुज की ओर से भविष्य में संचालित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी शहरों में गायत्री परिवार का पांच सदस्यीय प्रज्ञा मंडल गठित किया जाएगा। भविष्य में पांच दिनी योग, संगीत, व्यक्तित्व निर्माण और युग निर्माण शिविरों का आयोजन होगा। गोष्ठी में शांतिकुज से आए बीसी पंत, प्रो. बीडी सुतेड़ी, विद्यालय प्रबंधक मदन सिंह महर, प्रो. डीडी जोशी, डा. बीसी जोशी, पूर्व शासकीय अधिवक्ता अमरनाथ वर्मा, बंशीधर फुलारा, राजेंद्र गहतोड़ी, जगन्नाथ नेगी, इंद्र सिंह बोहरा, सजंय पाठक ने विचार रखे।