लोहाघाट। उरेडा विभाग की ओर से बीएडीपी (सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम) के तहत सीमांत क्षेत्र के लोगों को रियायती दरों पर दी गई सोलर लालटेन आफत बन गई है। इन लालटेनों की घटिया गुणवत्ता के कारण यह मुसीबत का सबब बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादातर लालटेन जलते-जलते बंद हो रही हैं। और अब खराब लाइट को ठीक करने के लिए सर्विस सेंटर में सामान तक नहीं है।
उरेडा विभाग ने जैन ऐरीगेशन सिस्टम लिमिटेड के जरिए लालटेनों का तीन माह पूर्व वितरण किया था। कंपनी के अधिकारियों द्वारा कहा गया कि लोहाघाट में सर्विस सेंटर खोल दिया गया है। जहां लोग नि:शुल्क अपनी लालटेन ठीक करा सकते हैं। लेकिन कंपनी ने सर्विस सेंटर को सामान नहीं दिया है। जिस कारण खराब लालटेनें बेकार पड़ी हुई हैं।
इस संबंध में नागरिकों ने मुख्य विकास अधिकारी श्याम सुंदर पांगती का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कंपनी को शीघ्र लालटेन ठीक करने हेतु निर्देशित किया है। साथ ही मरम्मत कार्य में देरी पर कंपनी के खिलाफ कार्यवाही की चेतावनी दी है।