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फर्श पर पढ़ाई को मजबूर माध्यमिक स्कूलों के 8440 छात्र

Sun, 02 Jul 2017 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
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जीआईसी में जमीन पर बैठ कर पढाई करती छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में खामी को ठीक न करने से नाराज हाइकोर्ट के सख्त तेवर के बाद मशीनरी में हलचल जरूर हुई है। स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था करने की कवायद की जा रही है, लेकिन इस वक्त माध्यमिक स्कूलों में ही जिले के 67 स्कूल ऐसे हैं, जहां के ज्यादातर छात्र-छात्राओं को फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। 40 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए फर्नीचर की कमी है। यहां तक कि जिला मुख्यालय के जीआईसी और जीजीआईसी में भी पर्याप्त फर्नीचर नहीं है।
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जिले के 105 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और राजकीय इंटर कॉलेजों में छठीं से इंटर तक के 20556 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन इनमें से 12116 छात्रों के लिए ही फर्नीचर की उपलब्धता है। 8440 छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठकर पढ़ाई-लिखाई करने को मजबूर हैं। फर्नीचर की कमी वाले स्कूलों में कुर्सियों की व्यवस्था करने के लिए कारपोरेट का सहारा लिया जा रहा है।

जिले के दो विकासखंड बाराकोट एवं पाटी के लिए इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तराखंड और दो अन्य विकासखंड लोहाघाट, चंपावत में एनएचपीसी कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत फर्नीचर की व्यवस्था करेंगे। इस संबंध में विभागीय पत्राचार तो चल रहा है, लेकिन फर्नीचर स्कूलों में पहुंचने की तिथि नहीं बताई गई है। मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित का मोबाइल फोन रिसीव नहीं होने से विभागीय अधिकारियों का पक्ष नहीं जाना जा सका।
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जानकीधार और खूनाबोरा में दोगुना फर्नीचर
एक तरफ स्कूलों में फर्नीचर की जबर्दस्त कमी है, वहीं जिले के दो विद्यालय ऐसे भी हैं, जहां जरूरत से करीब दोगुना फर्नीचर है। जीआईसी जानकीधार में 157 छात्र-छात्राएं हैं, लेकिन यहां 451 फर्नीचर है। इसी तरह राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खूनाबोरा में 78 छात्र-छात्राएं हैं, लेकिन यहां कुर्सियां 150 हैं। मुख्य शिक्षाधिकारी के स्टेनो एलएम चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों स्कूलों में फर्नीचर के लिए दो जगह से प्रस्ताव भेजे गए थे। एक ही साथ जिला योजना और विभागीय फर्नीचर स्वीकृत हुआ और खरीद भी हो गई, मगर विभाग ने अब तक यहां के अतिरिक्त फर्नीचर को किसी अन्य स्कूल में शिफ्ट नहीं किया है।

इन 8 स्कूलों में एक भी कुर्सी नहीं
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुंगरालेटी, लुवाकोट, नेत्र सलान, बड़ोली, कन्यूड़ा, रियांसी, डांडा और धूरा।

36 स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर
जीआईसी लोहाघाट, सुंई, गरसाड़ी, रमक, पनियां, रेगड़ू, डोबाभागू, दुबचौड़ा, पाली, मंच, स्वांला, जीजीआईसी लोहाघाट, चमदेवल, खेतीखान, बनबसा, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निलौटी, धूनाघाट, टांण, भुम्वाड़ी, सिमलखेत, कजीना पुनौली, बुंगाबीड़, कोठेरा, चूलागांव, ऊचौलीगोठ, बिरगुल, रमैला, सौराई, बस्टिया, नीड़, सल्ली, मौराड़ी, गोली, मिर्तोला, पचनई और राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाटी।
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